बेटे यूवी को मिलवाने के लिए कभी-कभी पत्नी द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन ले आती थी। अंतिम बार जब यूवी पिता से मिला था तब उसने था कि अब तो मेरे दो पापा हैं, मेरे दूसरे पापा नरेंद्र हैं, परंतु वह मुझे प्यार नहीं करते। मुझे बात-बात पर मारते-पीटते और डांटते हैं।
from The Navbharattimes http://bit.ly/2VVVJ2R
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