Bharat samachar
Wednesday, May 29, 2019
आम चुनाव के नतीजों के साथ ही अहंकारी विशिष्ट बौद्धिक वर्ग की खानदानी सत्ता सदा के लिए चली गई
देश में प्रचलित राजनीतिक मुहावरे बदल रहे हैं। विचार-विमर्श में ‘लिबरल’ ‘सेक्युलर’ आदि बुरे शब्दों में बदल गए हैैं जिनका प्रयोग अब नहीं हो रहा।
from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2QvGjjp
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