Thursday, August 20, 2020

गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों से ही हम कक्षाओं को रोचक और आलोचनात्मक चिंतन का बना सकते हैं केंद्र

शिक्षा के दो विशिष्ट स्वरूप हैं। एक स्वरूप इसका उदार पक्ष है जो समाज-विज्ञान के किसी भी विषय की तरह पढ़ा एवं समझा जाता है।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/3262L96

No comments:

Post a Comment