Friday, February 7, 2025

मुझे नौलखा मंगवा दे...सरस्वती पूजन पर महिला टीचर का 'शराबी' के गाने पर डांस, वायरल वीडियो पर शिक्षा विभाग में हड़कंप

सतना: सोशल मीडिया पर हमेशा कुछ ना कुछ छाया ही रहता है। जो कभी फेम दिलाता है तो कभी मुसीबत की वजह बन जाता है। अभी ऐसा ही एक महिला टीचर का डांस वीडियो धमाल मचा रहा है। लेकिन शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सरस्वती पूजन के मौके पर सरकारी शिक्षिका का फिल्मी गाने 'मुझे नौलखा मंगा दे ओ सैयां दीवाने' में ठुमका लगाते दिख रही है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल, पूरा मामला एमपी के सतना जिले के शासकीय माध्यमिक शाला कोलगवां का है। यहां विद्यार्थी और शिक्षकों ने मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना की गई। उसके बाद शिक्षा के मंदिर में फिल्मी गाने में महिला टीचर पूजा मिश्रा डांस करने लगी। जिनका वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो गया है। शिक्षा के मंदिर में जब फिल्मी गाने में शिक्षिका के डांस का यह वीडियो वायरल हुआ है। इससे जिला शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है।

'मुझे नौलखा मंगवा दे' गाने पर ठुमकी शिक्षिका

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि महिला टीचर पूजा मिश्रा सरस्वती पूजन में यह भी भूल गयी कि वह विद्यालय परिसर में अपने बच्चों के साथ हैं। जैसे ही जब फिल्मी गाने बजे वह अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पाई और फिल्म शराबी के गाने 'मुझे नौलखा मंगवा दे रे ओ सैय्यां दीवाने' के धुन पर जमकर ठुमके लगाने लगी। जिसका किसी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

डांस पर छात्र और शिक्षक बजा रहे सीटियां

महिला टीचर फिल्मी गाने में झूम-झूम कर अदाएं दिखा रही हैं। वहीं, दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ शिक्षक भी रोमांच में डूब गए। किसी ने महिला को रोकने की जरूरत नहीं समझी। उसके उलट डांस पर सीटियों के साथ तालियां बजाते हुए आनंद लेते हुए वीडियो बनाते रहे।

वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारी ने जारी की नोटिस

वीडियो वायरल होने के बाद मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक रजनीश कुमार त्रिपाठी और शिक्षिका पूजा मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया कि गानें के बोल एवं नृत्य का चयन संस्था की शैक्षणिक गरिमा, शिक्षकीय मर्यादा के विपरीत तथा बच्चों के मानसिक स्तर पर दुष्प्रभाव डालनें वाला है। यह आचरण घोर आपत्तिजनक एवं अनुशासनहीनता की परिधि में आता है।


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Thursday, February 6, 2025

बांग्लादेश में बड़ी साजिश... मुजीबुर्रहमान का घर तोड़े जाने पर भड़की हसीना विरोधी खालिदा जिया की पार्टी

ढाका: शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के ढाका के धानमंडी-32 स्थित घर पर हमला हुआ है। बुधवार रात को शेख मुजीब के घर पर भीड़ ने हमला किया और गुरुवार सुबह तक तोड़फोड़ जारी रही। इस पर शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग भड़की हुई है। वहीं हसीना की कट्टर प्रतिद्वंदी खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीएनपी नेता हाफिजुद्दीन अहमद ने बंगबंधु शेख मुजीब के घर में तोड़फोड़ को लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश कहा है। बीएनपी के इस घटना से नाराजगी और यूनुस सरकार के प्रति नाखुशी ने बांग्लादेश की राजनीति को नया मोड़ दिया है।द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएनपी की स्टैंडिंग कमेटी के मेंबर हाफिजुद्दीन अहमद का कहना है कि ढाका में शेख मुजीब के घर पर जिस तरह हमला हुआ, उससे अराजकता फैल सकती है। यह कार्रवाई लोकतंत्र को कमजोर करने की एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। इस तरह की घटनाएं देश में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर गलत प्रभाव पड़ेगा। यह घटना लोकतंत्र के लिए खतरा है। इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

भारत की भूमिका का संदेह: बीएनपी

हाफिजुद्दीन ने ये भी कहा कि उनकी पार्टी इस घटना में किसी पड़ोसी देश (भारत) की संलिप्तता की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार लोकतंत्र के खिलाफ साजिश रोकने के लिए कार्रवाई करे। साथ ही अंतरिम सरकार प्रक्रिया पूरी करते हुए जल्द से जल्द देश में आम चुनाव भी कराए। उन्होंने संकेत दिया कि ये देश में चुनाव टालने की साजिश का हिस्सा हो सकता है। बीएनपी काफी समय से जल्दी चुनाव कराने की मांग कर रही है। अवामी लीग की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार रात बांग्लादेश के छात्रों को ऑनलाइन संबोधित करने के बाद ढाका में प्रदर्शनकारियों ने शेख मुजीब के घर पर हमला बोला था। अवामी लीग ने शेख मुजीब के घर तोड़े जाने के बाद कहा, 'बांग्लादेश के राष्ट्रपिता का घर तोड़ा जाता रहा और पुलिस प्रशासन चुपचाप देखता रहा। मोहम्मद यूनुस और जमात मिलकर बांग्लादेश के अस्तित्व को मिटाने में लगे हैं। ये हमले बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध के इतिहास को मिटाने और पाकिस्तान के एजेंडे को बढ़ाने के लिए हैं।बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार नाहिद इस्लाम ने कहा है कि शेख हसीना को दिल्ली में बैठकर राजनीति करने की अनुमति मिलती है तो इसके लिए भारत जिम्मेदार होगा। हम किसी भी अराजकता से निपटने के लिए सड़क उतर सकते हैं। बांग्लादेश की सरकार ने भारत के उच्चायुक्त से भी अपना कड़ा विरोध जताया है।


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Wednesday, February 5, 2025

स्पष्ट सबूत के बिना... और दिल्ली की अदालत ने दहेज हत्या के आरोपी को कर दिया बरी

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने एक शख्स को उसकी पत्नी की दहेज हत्या के आरोप से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा है कि स्पष्ट सबूत के बिना 'अस्पष्ट और सामान्य' आरोप किसी आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ट्विंकल वाधवा ने मोनिश उर्फ नूर मोहम्मद के खिलाफ भजनपुरा थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 बी (दहेज हत्या) और 498 ए (शादीशुदा महिला के प्रति क्रूरता) के तहत दर्ज मामले पर सुनवाई के दौरान यह फैसला पारित किया।जस्टिस ने कहा, 'किसी आरोपी को दोषी करार देने के लिए आरोप स्पष्ट और विस्तृत होने चाहिए। अस्पष्ट या सामान्य आरोप में किसी अपराध के कारकों को स्थापित करने के लिए आवश्यक सामग्री का अभाव होता है। स्पष्ट साक्ष्य के बिना अस्पष्ट और सामान्य आरोप किसी आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं होते।' अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दहेज की मांग को लेकर पति की ओर से प्रताड़ित किए जाने के कारण महिला ने पिछले साल नौ मई को खुदकुशी कर ली थी। अदालत ने 31 जनवरी को पारित आदेश में कहा कि मृतका के माता-पिता और चाचा आरोपी के खिलाफ उत्पीड़न और क्रूरता संबंधी अपने बयान से मुकर गए। आरोपी के घर से झगड़े की आवाज सुनाई देने के दो पड़ोसियों के बयान पर अदालत ने कहा कि दोनों इसका कारण नहीं बता सके। उसने कहा, 'जब गवाह अपने बयान से मुकर जाते हैं, तो प्राथमिक साक्ष्य कमजोर या निरर्थक हो जाते हैं। मजबूत प्रत्यक्ष साक्ष्य के बिना सबूतों को पुष्ट करना, उचित संदेह से परे सबूत की कानूनी सीमा पर खरा नहीं उतरता।'


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Tuesday, February 4, 2025

2003 वाले फॉर्म्युले से अध्यक्ष का चुनाव करेगी बीजेपी? इस समीकरण में इन नेताओं के नाम हैं सबसे आगे

भोपाल: मध्य प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा जल्द हो सकती है। नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सियासी हलचलें तेज होती दिख रही है। प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि अब बीजेपी अपने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव आयोजित करेगी। बीजेपी के चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जल्द ही मध्य प्रदेश दौरे में आने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ दावेदार नेता पार्टी के सीनियर नेताओं से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। के चयन में 2003 से एक ही फॉर्म्युला चला आ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी पुराने फॉर्म्युले से पार्टी अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है।

क्या है 2003 वाला फॉर्म्युला?

मध्य प्रदेश की सत्ता में बीजेपी 2003 में आई थी। उसके बाद से बीजेपी की सरकार है। दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक कांग्रेस की सरकार बनी थी लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के कारण यह सरकार गिर गई थी और फिर से बीजेपी की सरकार बनी थी। 2003 से बीजेपी ओबीसी चेहरे को राज्य का मुख्यमंत्री बनाती आ रही है वहीं सर्वण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी यही फॉर्म्युला लागू हो सकता है। 2003 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से ही बीजेपी ने एक फॉर्मूला मध्य प्रदेश में अपनाया है। 2003 के बाद से उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान और अब मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने। यह चारों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं। वहीं, इन मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में बीजेपी के संगठन की जिम्मेदारी सवर्ण नेताओं को सौंपी है। 2003 के बाद बीजेपी ने कैलाश जोशी, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभात झा, नंदकुमार सिंह चौहान, राकेश सिंह और अभी वीडी शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। यह सभी नेता सवर्ण से आते हैं।

जिला अध्यक्षों के चयन में भी दिखा जातिगत समीकरण

बीजेपी ने मध्य प्रदेश के 62 जिलाध्यक्षों के चयन में भी जातिगत समीकरण देखने को मिला है। बीजेपी ने जिला अध्यक्षों की घोषणा में सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है। 62 में से 29 जिला अध्यक्ष सवर्ण वर्ग के हैं। इसके बाद ओबीसी, एससी और एसटी और महिलाओं को भी पद दिए गए हैं।

सवर्ण में कौन दावेदार

अगर बीजेपी 2003 के चले आ रहे फॉर्म्युले के हिसाब से प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करती है तो सबसे आगे नाम है। बैतूल से विधायत का। इसके अलावा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया का भी नाम रेस में है।


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Monday, February 3, 2025

ट्रंप के टैरिफ से पहले कनाडा में भारतीय मूल के लोगों से 'खतरनाक' ड्रग फेंटानिल की बड़ी बरामदगी, जानें मामला

ओटावा: कनाडा में हाल ही में भारतीय मूल के दो लोगों को भारी मात्रा में मादक पदार्थ () के साथ पकड़ा गया है। कथित तौर पर कनाडा ने इन लोगों को आठ किलोग्राम फेंटानिल रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिसकी लाखों खुराक बन सकती हैं। आरोपियों में 26 वर्षीय स्वाति नरूला और 28 वर्षीय कुंवरदीप सिंह शामिल हैं। इन पर कनाडा के नियंत्रित औषधि और पदार्थ अधिनियम के तहत तस्करी के उद्देश्य से मादक पदार्थ रखने का आरोप लगाया गया है। भारतीय मूल के इन लोगों की गिरफ्तारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कनाडा, चीन और मैक्सिको के सामान पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा से पहले हुई। ट्रंप ने अपने एक्शन के पीछे जिन कारणों को गिनाया, उनमें फेंटानिल भी शामिल है। फेंटानिल एक अत्यधिक नशीला सिंथेटिक ओपिओइड है, जो हेरोइन की तुलना में लगभग 50 गुना और मॉर्फिन की तुलना में 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है। के अलावा फेंटानिल इसलिए भी चर्चा में रहा है, क्योंकि एक हाल ही में अमेरिकी अभियोग में सूरत स्थित दो कंपनियों पर फेंटानिल के प्रीकर्सर को विटामिन सी के रूप में गलत लेबल करके भेजने का आरोप लगाया गया था।

टैरिफ और फेंटानिल को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने 2 फरवरी को सोशल मीडिया पर लिखा, ''आज मैंने मैक्सिको और कनाडा से आयात पर 25% टैरिफ (कनाडाई ऊर्जा पर 10%) और चीन पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू किया है। यह अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के माध्यम से किया गया था क्योंकि अवैध विदेशियों और घातक ड्रग्स के कारण हमारे नागरिकों की मृत्यु का बड़ा खतरा है, जिसमें फेंटानिल भी शामिल है।''ट्रंप ने आगे लिखा, ''हमें अमेरिकियों की रक्षा करने की आवश्यकता है और राष्ट्रपति के रूप में यह मेरा कर्तव्य है कि मैं सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करूं। मैंने अपने अभियान में वादा किया था कि मैं अवैध विदेशियों और ड्रग्स की बाढ़ को हमारी सीमाओं से आने से रोकूंगा और अमेरिकियों ने इसके पक्ष में भारी मतदान किया था।''

स्पेयर टायर के नीचे छिपाकर रखा गया आठ किलो फेंटानिल- RCMP

एक के मुताबिक, स्वाति नरूला और कुंवरदीप सिंह को 28 जनवरी को कैलगरी में गिरफ्तार किया गया था। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के अनुसार, अधिकारियों को स्वाति नरूला और कुंवरदीप सिंह के वाहन के स्पेयर टायर के नीचे छिपाकर रखा गया आठ किलोग्राम फेंटानिल मिला, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरसीएमपी ने कहा है कि आरोपियों ने जांच के दौरान बताया कि वे रेजिना की यात्रा कर रहे थे। आरसीएमपी के एक बयान में कहा गया, "यह एक महत्वपूर्ण फेंटानिल जब्ती है। ध्यान रहे कि केवल कुछ दाने फेंटानिल संभावित रूप से घातक ओवरडोज का कारण बन सकते हैं। हमने हमारे समुदायों में इस खतरनाक ड्रग के प्रवेश को रोक दिया है।" बयान में कहा गया, ''उम्मीद है कि यह उन लोगों के लिए एक संदेश है जो हमारे प्रांत में अवैध सामान ले जाने का विकल्प चुनते हैं। हमारे अधिकारी आप पर नजर रख रहे हैं।"


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Sunday, February 2, 2025

'सांसद नौटंकी कर रहा है... इसमें भी सपा का दरिंदा ही शामिल होगा' अयोध्या हत्याकांड पर रो पड़े अवधेश तो योगी ने किया कटाक्ष

अयोध्याः फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रविवार को एक दलित युवती की कथित नृशंस हत्या के बारे में बोलते हुए पत्रकारों के सामने रो पड़े, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे सांसद की नौटंकी करार दिया। मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया कि इस मामले में सपा का कोई न कोई दरिंदा जरूर शामिल होगा। अयोध्‍या जिले में पुलिस ने अनुसूचित जाति (एससी) की लापता 22 वर्षीय युवती का शनिवार को निर्वस्‍त्र शव बरामद किया, जिसकी बेरहमी से हत्या कर आंखें निकाल ली गई थीं।परिवार के सदस्यों ने हत्या से पहले बलात्कार का आरोप लगाया और दावा किया कि पीड़िता की आंखें फोड़ दी गईं, उसकी हड्डियां तोड़ दी गईं और उसके शरीर पर गहरे घाव थे। घटना के बारे में जानने के बाद अवधेश प्रसाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए पीड़िता के घर पहुंचे। भावनाओं में बहकर वह पत्रकारों के सामने रोते हुए बोले, ‘‘मैं उसे बचाने में असफल रहा।’’ उनके सहकर्मियों ने उन्हें सांत्वना दी और उनसे मजबूत बने रहने और न्याय के लिए लड़ने का आग्रह किया।एक पत्रकार वार्ता के दौरान प्रसाद ने कहा, ‘‘मुझे दिल्ली, लोकसभा जाने दीजिए। मैं इस मामले को (प्रधानमंत्री) मोदी के सामने उठाऊंगा।अगर हमें न्याय नहीं मिला तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।” समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने भगवान राम और देवी सीता का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इतना जघन्य अपराध कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा,‘‘इतिहास क्या कहेगा? लड़की के साथ ऐसा कैसे हुआ?” उनके समर्थकों ने उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय के लिए लड़ने के लिए चुना गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली के दौरान अपने संबोधन में इस मामले को उठाया। योगी ने कहा, “अयोध्या में एक बेटी के साथ घटना घटी है। जांच जब निचले स्तर पर जाएगी, तो आज जो नौटंकी इनका सांसद कर रहा है, याद करना उसमें भी समाजवादी पार्टी का कोई न कोई दरिंदा शामिल जरूर पाया जाएगा।” योगी ने सपा पर अपराध करने और गुंडागर्दी का आरोप लगाया।अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर पांच फरवरी को उपचुनाव के लिए मतदान होगा और आठ फरवरी को मतों की गिनती होगी। अवधेश प्रसाद के पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट से सांसद चुने जाने के बाद मिल्कीपुर सीट रिक्त हुई है, जहां सपा ने उनके पुत्र अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता बृहस्पतिवार रात से लापता थी जब वह कथित तौर पर भागवत कथा में भाग लेने के लिए बाहर गई थी। इसके बाद उसके परिवार को काफी तलाश करनी पड़ी। पीड़िता के बहनोई को उसका शव शनिवार की सुबह उसके गांव से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर एक छोटी नहर में पड़ा मिला।इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अयोध्या में भागवत कथा सुनने गई एक दलित बच्ची से जिस तरह की बर्बरता हुई, उसे सुनकर किसी भी इंसान की रूह कांप जाएगी।” उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “ऐसी क्रूर घटनाएं समूची मानवता को शर्मसार करती हैं। बच्ची तीन दिन से गायब थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। भाजपा के जंगलराज में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और गरीबों की चीख कोई सुनने वाला नहीं है।”कांग्रेस नेता ने इसी पोस्ट में कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार दलितों पर अत्याचार का पर्याय बन गई है। मेरी मांग है कि अत्याचार करने वाले दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”


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Saturday, February 1, 2025

बंटी-बबली भी फेल! फर्जी शादी कर पैसे ऐंठने वाले अनपढ़ दंपत्ति के कारनामे सुन हिल जाएगा दिमाग

नई दिल्ली: की क्राइम ब्रांच ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये ठग भोले-भाले लोगों को शादी का लालच देकर उनकी गाढ़ी कमाई हड़प लेते थे। पीड़ितों को न केवल आर्थिक नुकसान होता था, बल्कि मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ती थी। देशभर में इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। लोग शादी के सपने देखते हैं और इन ठगों के जाल में फंस जाते हैं। दिल्ली पुलिस ने 5 साल से फरार एक ऐसे दंपति को गिरफ्तार किया है जो शादी का फर्जी गिरोह चालकर पैसे ऐंठने में कथित रूप से लिप्त था। पुलिस ने बताया कि आरोपी राहुल उर्फ दीन मोहम्मद (38) और उसकी पत्नी (36) को जहांगीरपुरी से गिरफ्तार किया गया। दंपति सुल्तानपुरी थाने में 2019 में दर्ज एक मामले में वांछित था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोप है कि दंपति ने अपने साथियों के साथ मिलकर शादी के इच्छुक लोगों को लालच दिया, उन्हें नशीला पदार्थ दिया और जबरन फर्जी शादियां करा पैसे ऐंठ लिए।

2019 में भगोड़ा अपराधी घोषित

उन्होंने बताया कि 2019 में एक पीड़िता ने शिकायत की थी कि दंपति ने नशीले पदार्थ देकर उसे हरियाणा के एक व्यक्ति से शादी करने के लिए मजबूर किया था। पुलिस ने बताया कि गिरोह के कुछ सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन दंपति फरार था और उन्हें सितंबर 2019 में भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया था।

पुलिस ने ऐसे फंसाया जाल में

पुलिस की एक टीम उन पर नजर रख रही थी और एक अधिकारी ने शादी के इच्छुक लड़के के रूप में उनसे संपर्क किया। अधिकारियों ने बताया कि युगल जाल में फंस गया और मिलने के लिए तैयार हो गया, जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि दंपति ने खुद को मध्यस्थ बताया और शादी कराने के नाम पर पीड़ितों से करीब 70,000 रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने बताया कि राहुल अब ई-रिक्शा चालक के रूप में काम कर रहा है और उस पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है, जबकि उसकी पत्नी पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी के दो मामलों में शामिल थी।


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