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Sunday, July 27, 2025

खतरनाक स्टंट! 7 फीट लंबे सांप को गले में डाला, लोगों को डराया... बीच सड़क पर युवक का तमाशा देख घबराए लोग

सागरः कुछ दिन पहले गुना जिले से दुखद घटना सामने आई थी। राघोगढ़ के बरबटपुरा में सर्प मित्र को सांप से खिलवाड़ करने की कीमत उनको जान देकर चुकानी पड़ी थी। अब एक चौंकाने वाला मामला सागर जिले से सामने आया है। यहां एक सर्प मित्र ने करीब 7 फीट लंबे सांप को बीच बाजार गले में लपेटने, हाथ में लेकर स्टंट करने जैसी लापरवाही कर दी। इसका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि वीडियो में मौत से खिलवाड़ करने वाले युवक की पहचान नहीं हो सकी है।दरअसल, सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक करीब 7 फीट लंबे एक जिंदा सांप के साथ खिलवाड़ करने नजर आ रहा है। युवक नशे में मदहोश बताया जा रहा है। मदहोशी के आलम में सांप को कभी अपने गले में लपेट रहा था। कभी उसे पकड़कर कमर में बांधने का प्रयास करता है। युवक काफी देर तक बीच सड़क पर खड़े होकर सांप के साथ स्टंट करता वीडियो में दिख रहा है।

बीच सड़क खतरनाक स्टंट

खतरनाक और लंबे-चौड़े सांप को कई दफा वह हाथ में पकड़कर बीच सड़क पर इधर से उधर घूमता रहा। इस दौरान उसके आसपास से काफी दुपहिया और तिपहिया वाहन भी गुजरते रहे। लोग उसे ऐसा करने से मना भी कर रहे थे। लेकिन युवक नशे की हालत में लग रहा था। इससे वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और सांप को हाथ में लेकर खिलवाड़ करता रहा।

कहीं से पकड़कर लाया था सांप

युवक में अपने साथ सांप के साथ एक प्लास्टिक का डिब्बा लिए भी दिखा था। संभव है वह इस सांप को कहीं से पकड़कर लाया था। स्टंट करने के बाद वह सांप को इसी तेल के कनस्तर में डालकर टहलते हुए बड़े आराम से चला गया। इस दौरान कई लोग उसे हैरत से तो कई लोग उसे गुस्से से देखते नजर आए थे। वह जो कर रहा था लोगों को उसके दुष्परिणाम का भान था, इस कारण उसे कई लोगों ने रोकने का प्रयास किया था। वायरल वीडियो सागर के व्यस्ततम झूला तिराहे के पास का बताया जा रहा है।

सागर के तीनों सर्पमित्रों में नहीं था ये शख्स

बता दें कि सर्प मित्र के तौर पर केवल तीन लोग मौजूद हैं। इनमें अकील बाबा, उनके बेटे असद खान और तीसरे बबलू पवार हैं। ये तीनों सागर और आसपास के इलाके में सांप पकड़ने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इनकी तरफ से आज तक इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई। सांप को पकड़ने के बाद इन्होंने कभी उसके साथ स्टंट नहीं किया है।इधर वायरल वीडियो में जो युवक दिख रहा है, उसे लोग जानते नहीं है। इस व्यक्ति को सर्पमित्र या प्रोफेशनल स्नेक कैचर के तौर पर किसी ने नहीं देखा। फिलहाल तक सांप को लेकर स्टंट करने वाले इस युवक की पहचान नहीं हो पाई है।
जहरीला नहीं होता धामन प्रजाति का सांप
जानकारों से जब करने वाले व्यक्ति की जानकारी ली गई तो उन्होंने उसे पहचानने से इंकार करते हुए बताया कि उसके पास जो सांप है वह धामन प्रजाति का सांप लग रहा है। इस सांप में जहर नहीं होता है या काफी कम जहर होता है, जिससे व्यक्ति की जान नहीं जा सकती। हालांकि यह सांप आकार में काफी लंबा होता है यह 7 से 10 फीट लंबा तक होता है और इसके दांत लंबे होते हैं। युवक को इसकी जानकारी होगी, इसलिए वह सांप को लेकर बीच सड़क पर खिलवाड़ करता नजर आ रहा था।


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Saturday, July 26, 2025

झारखंड में जमीन रजिस्ट्री के नए नियम लागू, 2 लाख से अधिक के लेनदेन पर बैंक ट्रांजैक्शन की देनी होगी पूरी जानकारी

गिरिडीहः में जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान पारदर्शिता लाने के लिए भूमि-राजस्व विभाग की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब संपत्ति की खरीद-बिक्री में काले धन के प्रवाह पर रोक लगाने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए गए हैं। इन नियमों को लेकर रजिस्ट्री कार्यालय को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, और कार्यालय परिसर में संबंधित नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।

दो लाख रुपये से अधिक की संपत्ति की रजिस्ट्री बैंक से भुगतान

अब से, दो लाख रुपये से अधिक की संपत्ति की रजिस्ट्री केवल उन्हीं मामलों में की जाएगी, जहां भुगतान का प्रमाण बैंक लेनदेन के रूप में उपलब्ध होगा। यानी नकद लेनदेन पर सख्त रोक लगा दी गई है।

आयकर विभाग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत उठाया कदम

इस विषय पर गिरिडीह के जिला अवर निबंधक बालेश्वर पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम आयकर विभाग और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 269 एसटी के अनुसार, दो लाख रुपये से अधिक की राशि का नकद लेनदेन प्रतिबंधित है।

खरीदारों को बैंक ट्रांजैक्शन की देनी होगी पूरी जानकारी

रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान अब खरीदारों को बैंक ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी देनी होगी, जिसमें भुगतान की विधि, राशि, और ट्रांजैक्शन की तारीख शामिल होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संपत्ति खरीद में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार का अवैध लेनदेन रोका जा सके। इस नये नियम से उम्मीद की जा रही है कि संपत्ति बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी।


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Friday, July 25, 2025

वीरभान की वीरता, एक लाठी के सहारे मगरमच्छ के मुंह से छीन ली अपनी जिंदगी, आगरा की हैरान करने वाली घटना

सुनील साकेत, आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के पिनाहट में पशु चराने गए एक चरवाहा को मगरमच्छ चंबल नदी में खींच ले गया। उसके पैर को मगरमच्छ ने अपने जबड़े में भर लिया था। चरवाहे के हाथ में एक लाठी थी, जिससे वह मगरमच्छ को पीटता रहा। करीब आधा घंटा तक मगरमच्छ के साथ वह संघर्ष करता रहा। आसपास खड़े अन्य लोगों ने बचाने के लिए मगरमच्छ पर हमले किए और चरवाहे की जान बचाई। घायल अवस्था में उसे सीएचसी में भर्ती कराया है। इसका इलाज चल रहा है। घटना शुक्रवार दोपहर 3 बजे की है। थाना बासौनी क्षेत्र के अंतर्गत गांव झरनापुरा निवासी 36 वर्षीय बंटू उर्फ वीरभान पुत्र भगवान सिंह शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पशुओं को चराने के लिए चंबल नदी किनारे गए थे, तभी युवक बंटू उर्फ़ वीरभान चंबल नदी किनारे आराम करने के लिए लेट गए। दोपहर करीब 3 बजे मगरमच्छ नदी की तरफ से आया और बंटू के पैर को अपने जबड़े में दबोच लिया। बंटू उर्फ़ वीरभान के पैर को जबड़े में पकड़कर चंबल नदी में खींच ले गया।

लाठी से किया संघर्ष

वीरभान के हाथ में लाठी थी। उसने हिम्मत नहीं हारी और लाठी से मगरमच्छ का डटकर मुकाबला किया। करीब 30 मिनट तक मगरमच्छ से अपनी जान बचाने के लिए जूझता रहा। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण एकत्रित हो गए और वीरभान को बचाने के लिए दौड़ पड़े। लोगों ने लाठी-डंडों से मगरमच्छ को भगाया। फिर घायल अवस्था में उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।


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Thursday, July 24, 2025

उत्तराखंड में वर्क फ्रॉम विलेज: देहरादून और हल्द्वानी के पास दो गांव बनेंगे डिजिटल नोमैड विलेज, प्लान जानिए

देहरादून: उत्तराखंड सरकार की ओर से कामकाजियों को आकर्षित करने के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। वर्क फ्रॉम विलेज को सरकार के स्तर पर प्रमोट करने की तैयारी है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने सिक्किम और गोवा के फॉर्मूले को लागू करने की तैयारी की है। दोनों राज्यों की तर्ज पर प्रदेश के पहाड़ी गांवों को डिजिटल नोमैड विलेज में बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में वर्क फ्रॉम विलेज कांसेप्ट को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। देहरादून और हल्द्वानी के आसपास दो गांवों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।धामी सरकार की प्लानिंग इन गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, सड़क, बिजली, पानी और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने की है। साथ ही, होम स्टे की व्यवस्था को भी और अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाया जाएगा। इससे डिजिटल काम करने वालों को एक सुविधाजनक माहौल मिलेगा। वे इन गांवों के सुकून भरे माहौल में अपने ऑफिस वर्क को पूरा कर पाएंगे। साथ ही, प्राकृतिक नजारों का लुफ्त भी उठा सकेंगे।

पलायन रोकने की रणनीति

धामी सरकार ने राज्य में बढ़ते पलायन की चुनौती से निपटने के लिए वर्क फ्रॉम विलेज मॉडल को अपनाने की तैयारी की है। इस कॉन्सेप्ट को कारगर माना जा रहा है। सीएम धामी ने सचिव शैलेश बगोली को जिम्मेदारी सौंपी है कि सिक्किम और गोवा जैसे राज्यों में सफल रहे इस मॉडल का अध्ययन कर उत्तराखंड में इसकी प्रभावी रूपरेखा तैयार करें।

याकटेन गांव है मॉडल

भारत का पहला डिजिटल नोमैड विलेज सिक्किम का याकटेन गांव है, जिसे सरकार मॉडल के रूप में देख रही है। उत्तराखंड में भी ऐसा ही माहौल तैयार कर युवाओं को अपने गांवों में ही काम करने और पर्यटन के जरिए रोजगार अर्जित करने की दिशा में प्रेरित किया जाएगा।

आर्थिक सशक्तिकरण में मददगार

उत्तराखंड के गांवों में पहले से ही होम स्टे योजना के तहत देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। अब इन होम स्टे को वर्क फ्रॉम विलेज मॉडल से जोड़ते हुए ग्रामीणों को आय के नए साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने और ई-ऑफिस जैसी डिजिटल कार्यप्रणालियों को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।दिल्ली-एनसीआर से हर वीकेंड पर पहाड़ों पर जाने वालों की लाइन लगी रहती है। अगर उन्हें वहां काम करने का बेहतर माहौल मिले तो वर्क फ्रॉम होम वाले कामगार यहां पर काम करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच सकते हैं।

सीएम ने बनाई रणनीति

राज्य सरकार का मानना है कि डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ ही गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और पलायन पर लगाम लगेगी। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भी इस योजना को विस्तार देने की तैयारी है। सीएम धामी की रणनीति को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।


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Wednesday, July 23, 2025

मॉनसून सत्र के पहले तीन दिन सिर्फ हंगामा, विपक्ष लगा रहा वोट चोरी के आरोप, बीजेपी ने बताया कांग्रेसी शिगूफा

नई दिल्लीः मॉनसून सत्र के पहले तीन दिनों में कामकाज न के बराबर हुआ है। चाहे लोकसभा हो या राज्यसभा, दोनों जगह सिर्फ हंगामा देखने को मिल रहा है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा देने के बाद मंगलवार और बुधवार को विपक्ष ने हमले तेज किए। बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है और दोनों दिन कुछ मिनटों की ही कार्यवाही हो सकी है। विपक्ष के बढ़ते हमलों के बीच अब बीजेपी के सीनियर लीडर और केंद्रीय मंत्री भी सामने आए हैं और कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। जिस तरह से मॉनसून सत्र की शुरुआत हुई है, उसे देखते हुए सवाल यही है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से कब चल पाएगी? राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अभी जिस तरह के हालात हैं, साथ ही उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद विपक्ष को एक और मुद्दा मिल गया है। ऐसे में सत्ता पक्ष के लिए यह चुनौती है कि सदन की कार्यवाही चले और चर्चा शुरू हो।

राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोप लगाए

दरअसल, बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदुस्तान में इलेक्शन चोरी किए जा रहे हैं, उन्होंने महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक तक का जिक्र किया। बिहार में SIR के नाम पर SC, ST, OBC और अल्पसंख्यकों के वोट चुराने का आरोप भी कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा है कि वे चुप नहीं बैठेंगे। संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी, राजद समेत कई विपक्षी दल रोज संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल गांधी के वोट चुराने के आरोप पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

बीजेपी ने क्या कहा?

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि संसद को बाधित करने का हर रोज नया बहाना लेकर आ रहा विपक्ष लोकतंत्र की गरिमा को तार-तार कर रहा है। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की नजर में चुनाव व चुनाव आयोग की निष्पक्षता तभी तक है, जब तक कांग्रेस की चुनावों में जीत होती है। जब कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस जीती तो चुनाव आयोग और लोकतंत्र सुरक्षित थे, वहीं जब महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया तो, यहां चुनाव आयोग की कार्यशैली ठीक नहीं थी।

'वोट चोरी' कांग्रेसी शिगूफा

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'वोट चोरी' के नाम से शुरू हुआ कांग्रेसी शिगूफा आए दिन भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक बनाता है। SC, ST और OBC के नाम पर अपने तुष्टिकरण की दुकानदारी कांग्रेसी सरीखे दल चला रहे हैं। बार-बार अनेक राज्यों के चुनावों में जनता द्वारा नकारे जाने के बाद ये लोग जनादेश को अपमानित कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि बैलेट बॉक्स की चोरी ये कांग्रेस की कार्यशैली में रहा है, अगर वो कर्नाटक का उदाहरण दे रहे हैं तो वो कर्नाटक विधानसभा कैसे जीत गए?वो अपनी हार के कारणों का अपना विश्लेषण नहीं करते हैं बल्कि वो नए-नए कारण ढूंढ लेते हैं कभी-कभी EVM, कभी प्रशासन और कभी जनता को दोष दे देते हैं।


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Tuesday, July 22, 2025

PAK के 47 पर 7, यह उलटफेर नहीं था BAN ने इज्जत उतार ली, 8 रन से हराकर जीती सीरीज

ढाका: बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच 3 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शेर ए बांग्ला स्टेडियम में आज यानी 22 जुलाई को खेला गया था। मेजबान टीम बांग्लादेश ने पाकिस्तान को पहले टी20 की तरह दूसरे टी20 में हराकर सीरीज भी अपने नाम कर ली। अब तीसरा टी20 सिर्फ एक औपचारिकता रह गया है, जोकि 24 जुलाई को खेला जाएगा। हालांकि, दूसरे टी20 में भी बांग्लादेश का दबदबा पाकिस्तान पर देखने को मिला। आखिर मैच में क्या-क्या हुआ, आइये आपको बताते हैं।

बांग्लादेश ने दिया पाकिस्तान को 134 रन का टारगेट

पाकिस्तान के कप्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टी20 में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। ऐसे में बांग्लादेश टीम ने पहले बैटिंग करते हुए पूरे 20 ओवर खेले और 133 रन पर ऑल आउट हो गई। जाकिर अली ने सबसे ज्यादा 55 रन बनाए। मेहदी हसन ने भी 2 चौके और 2 छक्के की मदद से 33 रन की पारी खेली। पाकिस्तान की तरफ से सलमान मिर्जा, अहमद दानियाल और अब्बास अफरीदी को 2-2 विकेट मिले। 1 विकेट मोहम्मद नवाज को भी मिला।

15 रन पर गिर गए थे पाकिस्तान के 5 विकेट

134 रन का टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तान की काफी ज्यादा खराब शुरुआत रही। उनके 5 विकेट महज 15 रन के स्कोर पर ही गिर गए थे। , सैम अयूब और मोहम्मद हारिस जैसे टॉप ऑर्डर ने काफी निराश किया। कप्तान सलमान अली अगा भी 23 गेंद में 9 रन बनाकर आउट हो गए थे।

फहीम अशरफ ने ठोकी फिफ्टी, लेकिन जीत नहीं दिला पाए

एक समय पाकिस्तान का स्कोर 47 रन पर 7 विकेट हो गया था। ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान 100 रन तक भी नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन, फहीम अशरफ ने अच्छी बल्लेबाजी की और अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। अगर अशरफ नहीं होते तो पाकिस्तान मैच जीतने के इतने नजदीक नहीं पहुंच पाती। फहीम अशरफ ने 32 गेंद में 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 51 रन बनाए। अब्बास अफरीदी (19) और अहमद दानियाल (17) ने भी उनका साथ दिया। हालांकि, पाकिस्तान 19.2 ओवर में 125 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गई और 8 रन से मैच हार गई। बांग्लादेश के लिए सबसे ज्यादा 3 विकेट शोरिफुल इस्लाम ने लिए। 2-2 विकेट मेहदी हसन और तंजिद हसैन साकिब ने लिए। और रिशाद हुसैन के हाथों भी 1-1 सफलता लगी। जाकिल अली को उनकी अर्धशतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।


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Monday, July 21, 2025

जगदीप धनखड़ को उपराष्‍ट्रपति रहते कितनी मिल रही थी सैलरी, क्‍या-क्‍या भत्ते?

नई दिल्‍ली: भारत के 14वें उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य कारणों और चिकित्सीय सलाह का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक औपचारिक पत्र लिखकर संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के अनुसार तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी दी। अगस्त 2022 में पदभार संभालने के बाद से धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के रूप में अपनी भूमिका निभाई, जिसमें वह राज्यसभा के सभापति भी थे। कई लोगों के मन में सवाल है कि उपराष्‍ट्रपति रहते हुए धनखड़ को कितनी सैलरी मिल रही थी। वह और किस तरह के भत्‍तों और सुविधाओं के हकदार थे। आइए, यहां इसके बारे में जानते हैं।

उपराष्‍ट्रपत‍ि को क‍ितनी म‍िलती है सैलरी?

उपराष्ट्रपति रहते हुए जगदीप धनखड़ को हर महीने 4 लाख रुपये का वेतन मिल रहा था। लेकिन, यह जानना महत्वपूर्ण है कि भारत में उपराष्ट्रपति पद के लिए सीधे तौर पर कोई वेतन निर्धारित नहीं होता है। इसके बजाय, उपराष्ट्रपति को यह वेतन राज्यसभा के पदेन सभापति (एक्‍स-ऑफिसियो चेयरमैन) के रूप में मिलता है। यह व्यवस्था 'संसद अधिकारी के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1953' के तहत की गई है। 2018 में हुए संशोधन से पहले यह वेतन 1.25 लाख रुपये प्रति माह था। इसे बाद में बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया गया था।

क‍िन-क‍िन भत्तों और सुव‍िधाओं के हकदार

वेतन के अलावा, उपराष्ट्रपति को कई अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें शामिल हैं:सरकारी आवास: उन्हें दिल्ली में एक मुफ्त सरकारी आवास (उपराष्ट्रपति भवन) मिलता है। मुफ्त चिकित्सा सुविधा: उन्हें और उनके परिवार को व्यापक चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं।यात्रा सुविधाएं: उन्हें ट्रेन और हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा उपलब्ध हैं।संचार सुविधाएं: इसमें लैंडलाइन कनेक्शन और मोबाइल फोन सेवाएं शामिल हैं।दैनिक भत्ता: आधिकारिक कर्तव्यों के लिए दैनिक भत्ता भी मिलता है।सुरक्षा और स्टाफ: उन्हें उच्च स्तरीय व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ आधिकारिक कामों में सहायता के लिए पर्याप्त स्टाफ भी प्रदान किया जाता है।वाहन और परिवहन: आधिकारिक वाहनों के साथ चालक और ईंधन के खर्च की सुविधा भी मिलती है।कार्यालय व्यय: कार्यालय के रखरखाव और आधिकारिक खर्चों के लिए भत्ता दिया जाता है।

संसद सदस्‍यों का जताया आभार

अपने कार्यकाल को याद करते हुए धनखड़ ने संसद सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि उन्हें मिला स्नेह और विश्वास उनकी यादों में हमेशा रहेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल को सीखने और विकास की एक अमूल्य अवधि बताया। उन्होंने भारत के आर्थिक उत्थान और वैश्विक स्थिति के 'परिवर्तनकारी युग' में सेवा करने के विशेषाधिकार पर जोर दिया। उनका इस्तीफा भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में अप्रत्याशित घटना है।


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Sunday, July 20, 2025

कौन है सैयद दाऊद अहमद, जो कनाडा से चला रहा है धर्मांतरण का संगठित गिरोह, भारत लाने की तैयारी में सरकार

आगरा: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के बाद आगरा में धर्मांतरण का खुलासा होने के बाद यूपी सरकार और सख्त हो गई है। आगरा की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने कनाडा के सैयद दाऊद अहमद को संगठित गिरोह का आरोपी बनाया है। पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट लिया है। सैयद दाऊद अहमद कनाडा से ही गैंग की सदस्य आयशा उर्फ एसबी कृष्णा (गोवा) को फंड भेजता था। केंद्र सरकार के जरिए राज्य सरकार अब सैयद दाऊद को भारत लाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की तैयारी कर रही है। मामले का खुलासा तब हुआ जब दो सगी बहनें लापता हुईं। पुलिस ने दोनों बहनों को कोलकाता की मुस्लिम बस्ती मुक्त कराया था। धर्मांतरण के गिरोह में शामिल छह राज्यों के 10 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ये सभी 10 दिन की पुलिस रिमांड में हैं। सभी से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, कनाडा में रहने वाला सैयद दाऊद अहमद मूल रूप से मध्य प्रदेश का निवासी है। विदेश में रहकर वह संगठित गिरोह चला रहा था। पुलिस को आयशा उर्फ एसबी कृष्णा को भेजे गए गए लाखों रुपये का लेन-देन मिला है। इन रुपयों से धर्मांतरण करने वाले लोगों के रहने और खाने का बंदोबस्त किया जाता था। धर्मांतरण के बाद इनके वीडियो भी भेजे जाते थे। धर्मांतरण कराने वाले आरोपी संगठित गिरोह चलाते थे, इसलिए पुलिस ने संगठित अपराध की धारा बढ़ाई है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली निवासी मुस्तफा उर्फ मनोज को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार की गई युवती से पूछताछ में दिल्ली में गैंग की सदस्य नेहा समेत दो और लोगों के बार में जानकारी मिली है। पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाया है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ में मिल रही जानकारी के आधार पर पुलिस विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही है। इस मामले में लखनऊ से पूरी नजर रखी जा रही है। आगरा धर्मांतरण 'द केरल स्टोरी' की तरह किया गया, जिससे प्रशासन और सतर्क हो गया है। पुलिस और जिला प्रशासन हर पहलू पर जांच कर रहा है।


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Saturday, July 19, 2025

चली गई गुरुजी की नौकरी ! स्कूली बच्चों के साथ करते थे गंदी हरकत, बनाते थे अश्लील वीडियो

कोटा: स्कूली छात्र-छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर बच्चों का शोषण करने वाला निलंबित टीचर शंभू लाल धाकड़ को आज राजस्थान सरकार ने राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह जानकारी वीडियो बयान जारी करके कोटा जिले के प्रवास पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दी। उन्होंने कहा है कि शिक्षा के मंदिर में रहते हुए चित्तौड़ जिले के आंवलहेड़ा गांव के स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक रहे शंभू लाल धाकड़, जिसे उसके कृत्य की सजा देते हुए सस्पेंड किया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। आज शनिवार को शिक्षक शंभू लाल धाकड़ को बर्खास्त कर दिया गया।

शिक्षा मंत्री ने दी यह प्रतिक्रिया

खुद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कोशिश रहेगी कोर्ट से ऐसी दरिंदगी करने वाले शिक्षक रहे शंभू लाल धाकड़ को कठोर से कठोरतम सजा दिलाई जाए और ऐसे व्यक्ति को फांसी की सजा से काम नहीं मिलना चाहिए। मंत्री दिलावर ने कहा कि उन्होंने कभी इस तरह का मामला नहीं सुना, कि स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक ने बच्चों के साथ इस तरह की दरिंदगी की। यह शिक्षक नहीं यह राक्षस है। राक्षस पना इस शिक्षक ने शिक्षा के मंदिर में रहते हुए किया, जिस पर सरकार की कार्रवाई हुई।

दो साल से कर रहा था गंदा कृत्य

गौरतलब है कि पिछले 2 सालों से सेवा से बर्खास्त हुआ और शिक्षक रहा शंभू लाल धाकड़ चित्तौड़ जिले के आंवलहेड़ा गांव में वरिष्ठ अध्यापक था। जो पिछले दो सालों से छात्र-छात्राओं के साथ गंदी हरकत कर रहा था। उनके अश्लील वीडियो बना रहा था। बहला फुसलाकर बच्चों का शोषण कर रहा था। बच्चों को धमकाता था, कि वह किसी को कुछ नहीं बताएंगे। डरे सहमे बच्चों का वह फायदा उठा रहा था। लेकिन स्कूल की एक साहसी छात्रा ने इस दरिंदे शंभूलाल धाकड़ के कृत्य को मोबाइल फोन कैमरे में कैद किया।

शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड

छात्र-छात्राओं के साथ अश्लील हरकत करते हुए का मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड किया। जिसे परिजनों को बताया। इसके बाद ग्रामीणों ने बवाल काटा और आरोपी के खिलाफ प्रशासन और सरकार का ध्यान गया। इसके बाद पुलिस ने शिकायत मिलने पर दरिंदे शंभूलाल धाकड़ को हिरासत में लेते हुए गिरफ्तार किया। इधर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पास जब यह मामला पहुंचा तो उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया और आज शंभूलाल धाकड़ को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया। एक दिन पहले ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने वीडियो बयान जारी करते हुए कहा था कि सरकार इस तरह की कार्रवाई करेगी कि प्रदेश में वह नाजिर बनेगी, ताकि स्कूली बच्चों के साथ या अन्य बच्चों के साथ इस तरह की जिंदगी ना हो।


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Friday, July 18, 2025

हमारे IKEA, Volvo कहां... भारत के सिर्फ एक शहर में स्वीडन की आबादी से ज्‍यादा इंजीनियर, फिर क्‍यों खा रहे मात?

नई दिल्‍ली: दिल्ली के एक स्टार्टअप संस्थापक ने भारत और स्‍वीडन के वर्क कल्‍चर की तुलना की है। उनके अनुसार, भारत तेजी से निर्माण करता है, जबकि स्वीडन बेहतर निर्माण करता है। इसकी वजह है एक खास सोच। भारत की '' (जल्दी सफलता पाने की संस्कृति) इस सोच को अपनाने से इनकार करती है। यह सोच है: बस उतना ही करना जितना जरूरी है। विपुल अग्रवाल ने लिंक्डइन पर लिखा, 'बेंगलुरु में स्वीडन से ज्‍यादा इंजीनियर हैं। हम 14 घंटे काम करते हैं, जल्दी प्रोडक्ट बनाते हैं, चीजें तोड़ते हैं और तेजी से आगे बढ़ते हैं।' फिर भी, भारत के एक शहर से भी छोटे स्वीडन ने IKEA, Spotify, H&M और Volvo जैसे ग्लोबल ब्रांड बनाए हैं। अग्रवाल का कहना है कि अंतर पूंजी, प्रतिभा या उपकरणों का नहीं है, बल्कि 'लैगोम' का है। यह एक स्वीडिश दर्शन है जिसका मतलब है: न बहुत ज्‍यादा, न बहुत कम, बस उतना ही जितना जरूरी है। विपुल कहते हैं, 'वे 'हसल' नहीं करते हैं। यही बात इसे हमेशा के लिए प्रासंगिक बनाती है।'विपुल अग्रवाल के अनुसार, स्वीडन की कंपनियां 'लैगोम' नाम के दर्शन पर चलती हैं। इसका मतलब है, 'न बहुत ज्‍यादा, न बहुत कम, बस उतना ही जितना जरूरी है।' वे ज्‍यादा मेहनत करने में विश्वास नहीं रखते। यही वजह है कि उनके ब्रांड IKEA, Spotify, H&M और Volvo पूरी दुनिया में छाए हुए हैं। ये कंपनियां दिखाती हैं कि कम में भी अच्छा काम किया जा सकता है।

भारतीय स्टार्टअप क्‍यों रह जाते हैं पीछे?

अग्रवाल बताते हैं कि स्वीडिश ब्रांड कैसे संयम दिखाते हैं। IKEA बहुत ज्‍यादा महंगा नहीं है। यह बस इतना डिजाइन और कीमत देता है जो लोगों को पसंद आए। Spotify सिर्फ गाने ही नहीं देता, बल्कि सोशल मीडिया और अपनी पसंद के गाने चुनने का विकल्प भी देता है। Volvo सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है। यह आराम और सुरक्षा पर ध्यान देती है।अग्रवाल का कहना है कि इसके उलट भारतीय स्टार्टअप बहुत सारे नियमों, तरीकों और फंडिंग के चक्कर में फंसे रहते हैं। वे किसी भी कीमत पर आगे बढ़ना चाहते हैं और असली चीज को भूल जाते हैं। उन्‍होंने कहा, 'हम भूल जाते हैं कि कभी-कभी आपको कम नियमों और ज्‍यादा बुनियादी बातों की जरूरत होती है।'

स्‍वीड‍िश कंपन‍ियों की नकल करते हैं, सोच की नहीं

अग्रवाल का कहना है कि दुनिया भर के संस्थापक स्वीडिश कंपनियों की नकल करते हैं। लेकिन, उनकी सोच की नहीं। उन्‍होंने कहा, 'दुनिया IKEA के कम से कम डिजाइन, Spotify के इस्तेमाल में आसान होने और H&M की कीमतों की नकल करने की कोशिश करती है, लेकिन उनके पीछे के दर्शन को भूल जाती है।'विपुल अग्रवाल के अनुसार, स्वीडन के ब्रांड्स की सफलता का राज 'लैगोम' है। इसका मतलब है कि हर चीज में संतुलन बनाए रखना। न तो बहुत ज्‍यादा और न ही बहुत कम। बस उतना ही जितना जरूरी है।


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Thursday, July 17, 2025

क्या नीतीश की शिकायत लेकर नड्डा से मिले चिराग? लॉ एंड ऑर्डर पर एक बार फिर बिहार सरकार को घेरा

पटना/दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बाद में, उन्होंने पटना के एक निजी अस्पताल में हत्या के अभियुक्त की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर बिहार सरकार पर फिर निशाना साधा। समझा जा रहा है कि दोनों नेताओं ने बिहार के राजनीतिक हालात पर चर्चा की, लेकिन बैठक के डिटेल पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। बिहार में कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मगर, चिराग पासवान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ‘गंभीर चिंता’ का विषय बन गई है क्योंकि रोजाना हत्याएं हो रही हैं, अपराधियों का मनोबल ‘आसमान छू रहा है’ और पुलिस और संपूर्ण प्रशासन की कार्यप्रणाली समझ से परे है।

बिहार के लॉ एंड ऑर्डर पर चिराग के सवाल

चिराग पासवान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'बिहार में कानून व्यवस्था आज एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। प्रतिदिन हत्याएं हो रही है , अपराधियों का मनोबल आसमान पर है। पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली समझ से परे है। आज पटना के रिहायशी इलाके में स्थित पारस अस्पताल के अंदर घुसकर अपराधियों द्वारा सरेआम गोलीबारी की घटना इस बात का प्रमाण है कि अपराधी अब कानून और प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बढ़ते अपराधिक मामले चिंताजनक है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाएगी।' एक दूसरी ट्वीट में चिराग ने कहा, 'बिहार पुलिस के ADG हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन का बयान अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे अन्नदाता किसानों को अपरोक्ष रूप से हत्यारा बताना न सिर्फ उनके मान-सम्मान का अपमान है बल्कि उनके त्याग और परिश्रम का भी अनादर है। अपराधियों पर शिकंजा कसने के बजाय बिहार पुलिस का ध्यान बेवजह के बयानों पर ज्यादा है, जो बेहद चिंताजनक है। प्रशासन को अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करनी चाहिए।'

एनडीए के पार्टनर और नीतीश के आलोचक

हाल में, चिराग पासवान बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति के कटु आलोचक बन गए हैं। बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन सत्तारूढ़ है और चिराग की पार्टी उसका सदस्य है। माना जा रहा है कि युवा नेता चिराग का निशाना पर है, जिनके साथ उनके लंबे समय से असहज संबंध रहे हैं। जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री हैं और उनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है।

चिराग और नीतीश के संबंध एक जैसा नहीं रहे

बिहार के सबसे लंबे समय से मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में उठ रहे सवालों के बीच, चिराग पासवान की पार्टी राज्य में अपने नेता के लिए एक बड़ी भूमिका की मांग कर रही है। नीतीश 2005 से सत्ता में हैं। वो बस मई 2014 से फरवरी 2015 के बीच नौ महीने तक सत्ता में नहीं थे। इस दौरान उन्होंने अपने तत्कालीन पार्टी सहयोगी जीतन राम मांझी को अपनी जगह मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।इनपुट- भाषा


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Wednesday, July 16, 2025

मॉनसून सत्र से पहले विपक्ष को गोलबंद कर रही कांग्रेस, सरकार को घेरने की तैयारी; AAP ने बनाई दूरी

नई दिल्लीः संसद के होकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने 19 जुलाई को INDIA गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का नेतृत्व करेंगी। इस बैठक का मकसद विपक्षी एकता दिखाना और सरकार को घेरने के लिए एक ठोस रणनीति बनाना है।

विपक्ष को गोलबंद करने में जुटी कांग्रेस

कांग्रेस सभी विपक्षी दलों को इस बैठक में शामिल करने की कोशिश कर रही है। वे साझा मुद्दों पर सहमति बनाने और संसद में सरकार से जवाब मांगने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, दिल्ली चुनाव के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच दूरियां बढ़ने के कारण, उसके इस बैठक से दूर रहने की संभावना है।

विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश में

संसद का से शुरू हो रहा है। इससे पहले विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश में हैं। कांग्रेस ने पहले ही बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर सवाल उठाए हैं। अब मॉनसून सत्र के दौरान भी यह मुद्दा उठ सकता है।

बैठक में विपक्षी दलों की रणनीति पर चर्चा होगी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगी है। 19 जुलाई को होने वाली बैठक में विपक्षी दलों की रणनीति पर चर्चा होगी। वे संसद में सरकार को जवाबदेह बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे। सोनिया गांधी की मौजूदगी से इस बैठक को एकता का संदेश मिलेगा।

संभावित असहमति को पहले ही सुलझाने की कोशिश

कांग्रेस चाहती है कि मॉनसून सत्र से पहले ही विपक्ष का एक साझा एजेंडा बन जाए। इससे संसद में सरकार को मुद्दों पर घेरा जा सकेगा। सिर्फ नारे लगाने या विरोध करने से कुछ नहीं होगा। इसलिए, पार्टी ने मुद्दों को ध्यान से चुना है और संभावित असहमति को पहले ही सुलझाने की कोशिश कर रही है।

विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा

कांग्रेस ने INDIA ब्लॉक के दलों से बात करके कुछ राष्ट्रीय मुद्दे चुने हैं। इन मुद्दों पर सभी दलों की सहमति है। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा। सूत्रों के अनुसार, पहलगाम की हालिया घटनाएं, ऑपरेशन सिंदूर और डोनाल्ड ट्रंप के पीएम मोदी को लेकर किए गए कथित दावे मुख्य मुद्दे हैं। विपक्ष इन तीनों मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहता है।कांग्रेस की संसदीय रणनीतिक समिति की बैठक में कुछ और मुद्दे भी तय किए गए हैं। इन मुद्दों को भी विपक्षी दलों को बता दिया गया है। लेकिन कांग्रेस ने कहा है कि वह किसी भी मुद्दे को थोपना नहीं चाहती है। पार्टी का रवैया लचीला है और वह सहयोगी दलों के सुझावों को भी शामिल करने के लिए तैयार है।

आम आदमी पार्टी मीटिंग से रहेगी दूर

हालांकि, इस बैठक में AAP के शामिल होने की संभावना कम है। दिल्ली चुनाव के बाद कांग्रेस और AAP साथ नहीं दिखना चाहते। कांग्रेस भी उसे न्योता नहीं देना चाहती और AAP भी ऐसी बैठक में शामिल नहीं होना चाहती जिसमें कांग्रेस हो। इसका मुख्य कारण दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और AAP के बीच बढ़ी राजनीतिक दूरी है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस भी AAP को बैठक के लिए औपचारिक न्योता नहीं देना चाहती। दूसरी ओर, AAP भी किसी ऐसे मंच पर शामिल नहीं होना चाहती जहां कांग्रेस की अगुवाई हो। इस दूरी के पीछे चुनावी रणनीति और एक दूसरे पर अविश्वास का बड़ा योगदान है।


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Tuesday, July 15, 2025

अमेरिका ने ताइवान के पास पहली बार तैनात किया खतरनाक F-15EX फाइटर जेट, क्या चीन करने वाला है हमले की कोशिश?

वॉशिंगटन: क्या चीन, ताइवान पर हमले की कोशिश कर रहा है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि अमेरिका ने पहली बार अपना अत्याधुनिक F-15EX 'Eagle II' एयरक्राफ्ट को ताइवान के पास तैनात कर दिया है। अमेरिका ने F-15EX 'Eagle II' लड़ाकू विमान को ताइवान के पास जापान के ओकिनावा द्वीप स्थित कडेना एयरबेस पर तैनात किया है। ये लड़ाकू विमान फिलहाल 85वीं टेस्ट और इवैल्यूएशन स्क्वाड्रन के तहत भेजे गए हैं, जो वहां स्थानीय यूनिट्स के साथ इंटीग्रेशन और ट्रेनिंग का काम करेंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के लगातार बढ़ते खतरों के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन और स्थायी तैनाती का हिस्सा बताया है।आपको बता दें कि F-15EX दुनिया का सबसे भारी और सबसे ताकतवर नॉन-स्टील्थ फाइटर माना जाता है, जो बड़ी रेंज, भारी हथियार ले जाने की क्षमता और आधुनिक सेंसर से लैस है। इसकी तैनाती की जरूरत इसलिए पड़ी है, क्योंकि अमेरिका के F-22 रैप्टर प्रोग्राम पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सका। इसके अलावा अमेरिका F-35A स्टील्थ फाइटर जेट के प्रोडक्शन को नहीं बढ़ा पाने की समस्या से भी जूझ रहा है। ऐसे में अमेरिकी वायुसेना को पुराने F-15C/D जेट्स के रिप्लेसमेंट के तौर पर फिर से F-15 लड़ाकू विमानों को खरीदना पड़ा है। इससे यूएस एयरफोर्स को अपने पुराने जेट्स को आराम से हटाने और अपनी ताकत को बनाए रखने में मदद मिलेगी।जापान में अमेरिका का F-15EX लड़ाकू विमानमिलिट्री वॉच मैग्जीन की रिपोर्ट के मुताबिक कडेना एयरबेस को इस लड़ाकू विमानों की तैनाती के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि यह अमेरिका का ताइवान स्ट्रेट के सबसे करीब स्थित एयरबेस है। यह वही जगह है जहां पहले 44 सालों तक 48 F-15C/D फाइटर जेट्स तैनात रहे। अमेरिका अब उस पुराने लड़ाकू विमानों को वहां से हटा रहा है और उनकी जगह पर F-15EX को तैनात कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल 36 नए F-15EX लड़ाकू विमानों की स्थायी तैनाती की योजना बनाई गई है। हालांकि F-15EX अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस है, फिर भी इसे चीन के पांचवीं पीढ़ी के J-20 स्टील्थ फाइटर जेट के मुकाबले थोड़ा कमजोर माना जाता है। J-20 लड़ाकू विमान में ना सिर्फ स्टील्थ तकनीक है, बल्कि उसकी मार करने की क्षमता भी काफी ज्यादा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2030 के दशक की शुरुआत में चीन अपनी छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स की भी तैनाती शुरू कर देगा, जो ताइवान के आसपास के क्षेत्र में शक्ति संतुलन को और ज्यादा बदल सकते हैं। F-15EX लड़ाकू विमानों की तैनाती को अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। ये कदम एक तरफ जहां ताइवान और जापान को सुरक्षा की गारंटी देता है, वहीं दूसरी तरफ यह चीन को भी संदेश देता है कि अमेरिका अभी भी क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले वर्षों में अमेरिका और F-15EX लड़ाकू विमानों के साथ साथ अन्य विमानों की तैनाती करेगा।


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Monday, July 14, 2025

दिल्ली पुलिस अब मांगेगी असुरक्षित मकानों की सूची, वेलकम में इमारत ढहने से 7 लोगों की मौत के बाद लिया फैसला

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में इमारत ढहने की घटना के बाद, जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों से असुरक्षित इमारतों की विस्तृत सूची मांगेगी। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी।यह कदम निवासियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उठाया गया है, खासकर मानसून के मौसम में इमारतों के ढहने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि असुरक्षित या रहने के लिए अनुपयुक्त मानी जाने वाली इमारतों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के साथ समन्वय शुरू किया जा रहा है।यह डेटा पुलिस को तेजी से एक्शन लेने में मदद करेगाअधिकारी ने कहा कि यह डेटा पुलिस को शहर भर में संवेदनशील संरचनाओं पर कड़ी नजर रखने और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में मदद करेगा। पुलिस औपचारिक रूप से एमसीडी को पत्र लिखकर जर्जर या खतरनाक इमारतों की विस्तृत सूची मांगेगी। इस सूची के आधार पर, जिला-स्तरीय पुलिस दल इन इमारतों की निगरानी करेंगे और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगे।वेलकम में चार मंजिला इमारत ढहने के बाद दिल्ली पुलिस की पहलयह पहल रविवार को वेलकम क्षेत्र में एक चार मंजिला इमारत के ढहने की घटना के बाद शुरू की गई है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित सात लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। एमसीडी संरचनात्मक स्थिरता की खातिर भवनों के प्रमाणन के लिए जिम्मेदार है। निगम नियमित रूप से उन संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी करता है जिनके परिसर निरीक्षण के बाद असुरक्षित पाए जाते हैं।अधिकारी ने कहा, 'हालांकि, वैकल्पिक आवास के अभाव या लापरवाही के कारण ऐसी कई इमारतों में लोग अब भी रह रहे हैं। बरसात के मौसम में, इनके ढहने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि पानी के रिसाव से नींव कमजोर हो जाती है, खासकर पुराने या अनधिकृत निर्माणों में।'आने वाले दिनों में जवान अपने-अपने इलाकों का सर्वेक्षण करेंगेअधिकारी ने कहा, 'आने वाले दिनों में, पुलिस के जवान अपने-अपने इलाकों का सर्वेक्षण करेंगे और स्पष्ट रूप से क्षतिग्रस्त या जर्जर संरचनाओं का पता लगाएंगे। आसन्न खतरे की स्थिति में, पुलिस आपदा प्रतिक्रिया टीमों और एमसीडी के साथ समन्वय करेगी।'


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Sunday, July 13, 2025

जिंदगी का सबसे घटिया शॉट खेलकर आउट हुए यशस्वी, दोस्त ने ही निकाली दुश्मनी, अब पछता रहे होंगे!

लंदन: लॉर्ड्स टेस्ट मैच के चौथे दिन टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल दूसरी पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए। यशस्वी ने कुल 7 गेंदों का सामना किया। यशस्वी को इंग्लैंड के पेसर जोफ्रा आर्चर ने जेमी स्मिथ के हाथों कैच आउट कराया। पहला रन नहीं बना पाने के कारण यशस्वी कुछ दबाव में दिख रहे थे। ऐसे में उन्होंने आर्चर की तीखी बाउंसर पर हवाई शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन वह मिस हिट कर गए। ऐसे में गेंद उनके बल्ले के टॉप एज पर लगकर हवा में लहरा गई। इस तरह विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने गेंद को सुरक्षित अपने ग्लव्स में जकड़ कर टीम इंडिया को पहला झटका दिया। बता दें कि अक्सर इस तरह का शॉट खेलने से बचते हैं, लेकिन आईपीएल में अपने ही टीम मेट की गेंद पर वह गच्चा खा गए। लॉर्ड्स टेस्ट मैच की पहली पारी में भी यशस्वी जायसवाल कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे। यशस्वी ने टीम इंडिया के लिए पहली पारी में 8 गेंद का सामना कर सिर्फ 13 रन ही बनाए थे। ऐसे में उनके लिए तीसरा टेस्ट मैच कुछ खास नहीं रहा।टीम इंडिया को जीत के लिए मिली 193 रन का लक्ष्यइंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच में भारतीय टीम अच्छी स्थिति में दिख रही है। टीम इंडिया के गेंदबाजों ने खेल के चौथे दिन इंग्लैंड को उसकी दूसरी पारी में 192 रन के स्कोर पर समेट दिया। ऐसे में टीम इंडिया को जीत के लिए 193 रन का टारगेट मिला है। चौथे दिन भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी में वॉशिंगटन सुंदर ने कमाल का प्रदर्शन किया। सुंदर ने 12.1 ओवर में सिर्फ 22 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी और आकाश दीप सिंह के खाते में एक-एक विकेट आया।वहीं पहली पारी की बात करें तो इंग्लैंड की टीम मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी। इंग्लैंड ने जो रूट की दमदार शतकीय पारी की मदद से 387 रन का स्कोर खड़ा किया। जो रूट के अलावा इंग्लैंड के लिए ब्रायडन कार्स और जेमी स्मिथ ने भी अर्धशतकीय पारी खेली थी। इसके जवाब में टीम इंडिया ने भी के शतक से 387 रन बनाए, जिससे स्कोर बराबर हो गया।


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Saturday, July 12, 2025

खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इस आईपीओ ने मचाई धूम, रोजाना बढ़ रहा जीएमपी, कहां पहुंचा भाव?

नई दिल्ली: अगले हफ्ते कई आईपीओ खुलने जा रहे हैं। इन्हीं में स्पनवेब नॉनवोवन लिमिटेड (Spunweb Nonwoven Ltd) का आईपीओ भी शामिल है। एसएमई सेगमेंट के इस आईपीओ ने में धूम मचाई हुई है। इसका (जीएमपी) रोजाना ऊपर जा रहा है। यह आईपीओ सोमवार को खुलेगा। निवेशक इसमें बुधवार तक बोली लगा सकेंगे।इस आईपीओ का इश्यू साइज 60.98 करोड़ रुपये है। कंपनी 63.52 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी। कोई भी शेयर ओएफएस के तहत जारी नहीं किया जाएगा। यह इश्यू 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला रहेगा। इसकी फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। 90 से 96 रुपये प्रति शेयर है। एक लॉट में 1200 शेयर हैं। रिटेल इन्वेस्टर को न्यूनतम और अधिकतम 2 लॉट बुक कराने होंगे। इसके लिए उन्हें 2,30,400 रुपये निवेश करने होंगे। इसकी लिस्टिंग 21 जुलाई को हो सकती है।

क्या है ग्रे मार्केट में भाव?

इस आईपीओ के आईपीओ को ग्रे मार्केट में जबरदस्त भाव मिल रहा है। पिछले कई दिनों से इसमें लगातार तेजी आ रही है। शनिवार को यह 35 रुपये जीएमपी के साथ 36.46% के अनुमानित प्रीमियम लिस्टिंग पर ट्रेंड कर रहा था। इस जीएमपी के मुताबिक यह आईपीओ 131 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। ऐसे में यह लिस्टिंग पर निवेशकों को 36.46% का मुनाफा दे सकता है।

क्या करती है कंपनी?

यह कंपनी साल 2015 में शुरू हुई थी। यह नॉन-वोवन फैब्रिक बनाती और बेचती है। इस फैब्रिक का इस्तेमाल डोरमैट, बैग, कालीन और तिरपाल बनाने में होता है। कंपनी तीन तरह के फैब्रिक बनाती है: नॉनवोवन फैब्रिक, लैमिनेटेड फैब्रिक और UV-ट्रीटेड नॉनवोवन फैब्रिक। UV-ट्रीटेड फैब्रिक को धूप से कोई नुकसान नहीं होता।कंपनी के पास टेस्टिंग के लिए आधुनिक मशीनें हैं। इनमें यूनिवर्सल टेन्सिल टेस्टिंग और रीवेट प्रॉपर्टीज टेस्टिंग मशीनें शामिल हैं। कंपनी अपने प्रोडक्ट उत्तरी अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में भी भेजती है। कंपनी की ज्यादातर कमाई हाइजीन सेक्टर से होती है। लगभग दो-तिहाई रेवेन्यू इसी सेक्टर से आता है। बाकी कमाई मेडिकल, पैकेजिंग, एग्रीकल्चर और से होती है।डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, एनबीटी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।


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Friday, July 11, 2025

आसान नहीं निर्वासन: अमेरिका गिरफ्तारियों की तुलना में आधे अप्रवासियों को ही देश से निकाल पा रहा

नई दिल्ली: अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इनफोर्समेंट (ICE) ने पिछले महीने पांच सालों में सबसे ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन निर्वासन (Deportation) की संख्या के वादे से बहुत पीछे है। यहां तक कि यह ओबामा प्रशासन से भी पीछे है। एनबीसी न्यूज़ के डेटा के अनुसार, गिरफ्तारियां ज़्यादा हो रही हैं, लेकिन निर्वासन कम हो रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन को लाखों अप्रवासियों को निर्वासित करने के अपने वादे को पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं। के आंकड़ों के अनुसार, जून में लगभग 30,000 अप्रवासियों को गिरफ्तार किया गया। यह नवंबर 2020 के बाद सबसे ज़्यादा है। लेकिन इस जून में 18,000 से ज़्यादा अप्रवासियों को निर्वासित किया गया। यह गिरफ्तारी की संख्या का लगभग आधा है। इसका कारण यह है कि कई अप्रवासियों के शरण के मामले लंबित हैं। साथ ही कुछ इमिग्रेशन जजों ने उनके निर्वासन पर अस्थायी रोक लगा दी है। ट्रम्प प्रशासन इन मामलों को जल्द से जल्द निपटाना चाहता है। इससे फैसिलिटी में भीड़ बढ़ गई है। कांग्रेस ने 41,500 बिस्तरों के लिए धन दिया था, लेकिन लगभग 60,000 अप्रवासियों को हिरासत में रखा गया है।डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनने के बाद वादा किया था कि वह लाखों अप्रवासियों को देश से बाहर निकाल देंगे। लेकिन, अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इनफोर्समेंट ने पिछले महीने बहुत सारे लोगों को पकड़ा। पिछले पांच सालों में यह सबसे ज़्यादा है। लेकिन जितने लोगों को पकड़ा गया, उनमें से आधे लोगों को ही देश से बाहर भेजा जा सका। आईसीई के आंकड़ों के अनुसार, मई के महीने में ट्रम्प प्रशासन ने करीब 24,000 अप्रवासियों को हिरासत में लिया था। लेकिन उनमें से सिर्फ 15,000 को ही देश से बाहर भेजा गया।

बड़ी संख्या में अप्रवासियों के शरण के मामले अदालतों में लंबित

गिरफ्तारी और निर्वासन की संख्या में इतना अंतर क्यों है? इसका एक कारण यह है कि बहुत सारे के शरण के मामलों में सुनवाई अभी तक पूरी नहीं हुई है। इसका मतलब है कि उन्होंने देश में रहने के लिए अर्जी दी है। जब तक उनकी अर्जी पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक उन्हें देश से बाहर नहीं भेजा जा सकता है। कुछ इमिग्रेशन वकीलों के अनुसार उनके बहुत सारे क्लाइंट ऐसे हैं जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन, उनके शरण के मामले अभी तक चल रहे हैं। कुछ इमिग्रेशन जजों ने भी उनके निर्वासन पर अस्थायी रोक लगा दी है। यानी कि जब तक जज कोई फैसला नहीं सुना देते, तब तक उन्हें देश से बाहर नहीं भेजा जा सकता।ट्रम्प प्रशासन चाहता है कि इन मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाए। वह चाहता है कि जिनके शरण के मामले लंबित हैं, उन्हें बिना सुनवाई के ही देश से बाहर भेज दिया जाए। वे उन लोगों को भी देश से बाहर भेजना चाहते हैं जिनके निर्वासन पर जजों ने रोक लगा दी है।

सबसे ज्यादा निर्वासन ओबामा प्रशासन ने किया था

फरवरी से ने हर महीने औसतन 14,700 लोगों को देश से बाहर भेजा है। साल 2013 में ओबामा प्रशासन के दौरान हर महीने औसतन 36,000 लोगों को देश से बाहर भेजा गया था। फरवरी से अप्रैल 2024 तक बाइडेन प्रशासन ने औसतन 12,660 अप्रवासियों को देश से बाहर भेजा था। बाइडेन प्रशासन के आंकड़ों में दक्षिणी सीमा पर गिरफ्तार किए गए अप्रवासियों की संख्या भी शामिल है। इससे पहले जनवरी 2023 में सबसे ज़्यादा गिरफ्तारियां हुई थीं। उस समय ICE ने 18,170 लोगों को हिरासत में लिया था।ट्रम्प प्रशासन चाहता है कि जिनके शरण के मामले लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द देश से बाहर भेज दिया जाए। वे उनके मामलों को खत्म करना चाहते हैं और उन्हें बिना सुनवाई के ही "शीघ्र निर्वासन" के रास्ते पर डालना चाहते हैं। वे उन लोगों को भी उनके गृह देशों के बजाय दूसरे देशों में भेजना चाहते हैं जिनके निर्वासन पर जजों ने रोक लगा दी है।

हिरासत में रखे गए लोगों की संख्या ज्यादा, सुविधाएं कम

गिरफ्तारियों की तुलना में निर्वासन की संख्या बहुत कम है। इससे आईसीई की सुविधाओं में भीड़ बढ़ गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लगभग 60,000 को हिरासत में रखा गया है। जबकि कांग्रेस ने सिर्फ 41,500 बिस्तरों के लिए ही धन दिया है। हिरासत में रखे गए अप्रवासी सफाई, चिकित्सा देखभाल, भोजन और बिस्तर की कमी के बारे में शिकायत कर रहे हैं।डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने कहा कि, "भीड़भाड़ या घटिया हालात का कोई भी दावा पूरी तरह से गलत है।" उन्होंने एक बयान में कहा, "सभी बंदियों को उचित भोजन, चिकित्सा उपचार और अपने परिवार के सदस्यों और वकीलों के साथ संवाद करने के अवसर प्रदान किए जाते हैं।" मैकलॉघलिन ने यह भी कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने 253,000 से ज़्यादा अप्रवासियों को देश से बाहर भेजा है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इस संख्या में कौन-कौन से लोग शामिल है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि क्या DHS ने कोस्ट गार्ड द्वारा रोके गए लोगों, स्वेच्छा से देश छोड़ने वाले अप्रवासियों या सीमा पर वापस भेजे गए लोगों को गिना है। एनबीसी न्यूज़ ने निर्वासन डेटा की अपनी समीक्षा में सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा के अलावा ICE द्वारा भी गिरफ्तार किए गए लोगों को शामिल किया है जिन्हें उनके गृह देशों या तीसरे देशों में वापस भेज दिया जाता है, जो उन्हें वापस लेने के लिए सहमत होते हैं। कांग्रेस द्वारा "बिग ब्यूटीफुल बिल" पारित करने से ICE को डिटेंशन के लिए 45 बिलियन डॉलर मिलने की उम्मीद है। इससे अप्रवासियों को हिरासत में रखने की क्षमता तीन गुना बढ़ जाएगी।

कोर्ट के फैसलों को दरकिनार करके रास्ता बना सकते हैं ट्रम्प

सुप्रीम कोर्ट ने जून के अंत में फैसला सुनाया कि ट्रम्प प्रशासन अप्रवासियों को उनके अपने देशों के अलावा दूसरे देशों में भी भेज सकता है। अगर ट्रम्प प्रशासन अप्रवासन न्यायाधीशों के उन फैसलों को दरकिनार कर सकता है जो अप्रवासियों को उनके गृह देशों में उत्पीड़न या यातना के डर के आधार पर भेजने से रोकते हैं, तो यह फैसला इस महीने निर्वासन को गति दे सकता है।होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने हाल ही में घोषणा की कि ग्वाटेमाला और होंडुरास संयुक्त राज्य से विदेशी नागरिकों को वापस लेने के लिए सहमत हो गए हैं।


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Thursday, July 10, 2025

युवराज सिंह के इवेंट में एक ही टाइम पर दिखे शुभमन गिल और सारा तेंदुलकर, वायरल हो रहा वीडियो

लंदन: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज युवराज सिंह इन दिनों अपनी 'यूवीकैन फाउंडेशन' कार्यक्रम को लेकर लंदन में थे। यूवीकैन फाउंडेशन कैंसर के प्रति जागरूकता और ईलाज के लिए धन जुटाता है। के इस इवेंट में इस कार्यक्रम में क्रिकेट जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया। इसके अलावा इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज के लिए गई टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों को भी उन्होंने डिनर पर बुलाया।इवेंट में भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचे। इसी कार्यक्रम के दौरान शुभमन गिल की एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर में महान क्रिकेटर की बेटी सारा तेंदुलकर भी दिखाई दे रही हैं, जिसके बाद एक बार फिर शुभमन और सारा के रिलेशनशिप की खबरें शुरू हो गई है। तस्वीर में शुभमन सारा के सामने बैठे मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर तब ली गई जब गिल डिनर में शामिल हुए और सारा पहले से ही वहां मौजूद थीं।सारा ने इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीरेंसारा तेंदुलकर ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस इवेंट की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें वह अपने दोस्तों के साथ दिख रही हैं। इससे के साथ उनके रिलेशनशिप को लेकर चल रही अटकलों को और हवा मिल गई है। पहले भी उनके बीच रोमांटिक रिश्ते की अफवाहें थीं, क्योंकि वे एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो करते थे और लाइक-कमेंट्स के जरिए बातचीत करते थे।हालांकि, शुभमन और सारा दोनों ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इन अफवाहों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। एक समय पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे को अनफॉलो भी कर दिया था, जिससे अटकलें खत्म होती दिख रही थीं। इसके बावजूद चैरिटी इवेंट में उनके रिएक्शन को देख कर अब नई चर्चा शुरू हो गई है।


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Wednesday, July 9, 2025

आईसीसी रैंकिंग में भूचाल, शुभमन गिल ने मारी छलांग तो नंबर वन का तख्तापलट, देखें टॉप-10 की लिस्ट

नई दिल्ली: भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने आईसीसी पुरुष टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल कर ली है। वहीं, इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक हमवतन जो रूट को पछाड़कर टेस्ट फॉर्मेट में नंबर-1 बन गए हैं। शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में 269 और 161 रनों की पारियां खेलीं। वह टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 150 से अधिक का स्कोर बनाने वाले इतिहास के दूसरे खिलाड़ी बने। गिल बल्लेबाजों की टेस्ट रैंकिंग में 15 स्थानों की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। इससे पहले सितंबर 2024 में गिल 14वें स्थान पर पहुंचे थे।उन्होंने मौजूदा सीरीज की शुरुआत 23वें स्थान से की थी। दूसरी ओर, हैरी ब्रूक ने बर्मिंघम में दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 158 रन जड़े, जिसने उन्हें बल्लेबाजों की टेस्ट रैंकिंग में एक पायदान ऊपर पहुंचा दिया। ब्रूक इससे पहले पिछले साल दिसंबर में एक हफ्ते के लिए नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज रह चुके थे। एजबेस्टन टेस्ट में 89 और 69 रन की पारियां खेलने वाले रवींद्र जडेजा छह पायदान ऊपर उठकर 39वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जेमी स्मिथ को भी इस मुकाबले से रैंकिंग में फायदा मिला है, जो नाबाद 184 और 88 रन बनाने के बाद 16 स्थान ऊपर चढ़कर पहली बार टॉप-10 में शामिल हुए हैं।आईसीसी की टेस्ट की बैटिंग रैंकिंग में टॉप-10 बैट्समैन
क्रम बल्लेबाज देश रेटिंग अंक
1 हैरी ब्रूक इंग्लैंड 886
2 जो रूट इंग्लैंड 868
3 केन विलियमसन न्यूजीलैंड 867
4 यशस्वी जायसवाल भारत 858
5 स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलिया 813
6 शुभमन गिल भारत 807
7 टेम्बा बावुमा दक्षिण अफ्रीका 790
7 ऋषभ पंत भारत 790
9 कामिन्दु मेंडिस श्रीलंका 781
10 जेमी स्मिथ इंग्लैंड 753
भारतीय गेंदबाज मोहम्मद सिराज और आकाश दीप ने भी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। सिराज ने एजबेस्टन में कुल सात विकेट निकाले, जिसके बाद वह छह स्थान चढ़कर 22वें पायदान पर पहुंच चुके हैं। आकाश दीप ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में कुल 10 विकेट झटके। यह तेज गेंदबाज 39 स्थान की छलांग लगाकर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 45वें स्थान पर पहुंच गया है। बुलावायो में जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 367 रनों की पारी खेलकर सुर्खियां बटोरने वाले दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर बल्लेबाजी रैंकिंग में 34 स्थान की छलांग लगाकर करियर के सर्वश्रेष्ठ 22वें स्थान पर पहुंच गए हैं।उन्होंने तीन विकेट भी लिए, जिससे अब वह गेंदबाजों की सूची में चार स्थान ऊपर चढ़कर 48वें स्थान पर आ गए हैं। ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में, मुल्डर करियर के सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यहां उनसे आगे रविंद्र जडेजा और मेहदी हसन मिराज हैं। बुलावायो में प्रदर्शन के बाद जिन अन्य खिलाड़ियों को फायदा हुआ है, उनमें दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड बेडिंगहाम शामिल हैं, जो चार स्थान ऊपर चढ़कर 43वें स्थान पर हैं, जबकि लुआन-ड्रे प्रीटोरियस आठ स्थान ऊपर चढ़कर 60वें स्थान पर पहुंच गए हैं।आईसीसी की टेस्ट की बॉलिंग रैंकिंग में टॉप-10 बॉलर
क्रम गेंदबाज देश रेटिंग अंक
1 जसप्रीत बुमराह भारत 898
2 कागिसो रबाडा दक्षिण अफ्रीका 851
3 पैट कमिंस ऑस्ट्रेलिया 840
4 जोश हेजलवुड ऑस्ट्रेलिया 817
5 नोमान अली पाकिस्तान 806
6 मैट हेनरी न्यूजीलैंड 782
7 नाथन लायन ऑस्ट्रेलिया 777
8 मार्को यानसेन दक्षिण अफ्रीका 767
9 जेडन सील्स वेस्ट इंडीज 755
10 मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया 735
गेंदबाजों की सूची में कॉर्बिन बॉश छह स्थान ऊपर चढ़कर 51वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ग्रेनेडा में वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट के बाद, कैमरून ग्रीन चार स्थान ऊपर चढ़कर 45वें स्थान पर, और ब्यू वेबस्टर दो स्थान ऊपर चढ़कर 50वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, वेस्टइंडीज की ओर से रोस्टन चेज चार स्थान ऊपर चढ़कर 81वें स्थान पर, जबकि ब्रैंडन किंग 60 स्थान ऊपर चढ़कर 83वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमर जोसेफ और अल्जारी जोसेफ, दोनों छह स्थान ऊपर चढ़कर क्रमश: 29वें और 31वें स्थान पर पहुंच गए हैं।


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Tuesday, July 8, 2025

एलन मस्क राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य, फिर 'अमेरिका पार्टी' किस डगर पर जाएगी?

नई दिल्ली: टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक ने नाम से एक नया राजनीतिक दल बना लिया है। और रिपब्लिकन पार्टी से मतभेद के बाद मस्क ने यह कदम उठाया है। मस्क खुद राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सकते, इसलिए वे इस पार्टी के जरिए अपनी विचारधारा वाले उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। उनका लक्ष्य है कि में राजनीतिक सुधार हो और सिर्फ दो दलों के वर्चस्व वाले सिस्टम को चुनौती दी जाए। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह घोषणा की।एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के साथ अनबन होने के बाद अपनी अलग पार्टी बना ली है। मस्क ने अपनी सोशल मीडिया साइट X पर इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका में दो-दलीय सिस्टम से खुश नहीं हैं, इसलिए यह पार्टी बनाई गई है। मस्क ने X पर लिखा, "हम एक-दलीय सिस्टम में जी रहे हैं, लोकतंत्र में नहीं।" उन्होंने कहा कि ्टी लोगों को "आजादी" वापस दिलाने के लिए बनाई गई है। उन्होंने अपनी रणनीति की तुलना एपामिनोंडास नाम के एक यूनानी सेनापति से की। एपामिनोंडास ने एक खास जगह पर ध्यान केंद्रित करके एक बड़ी लड़ाई जीती थी। मस्क का कहना है कि उनकी पार्टी भी इसी तरह "यूनिपार्टी" सिस्टम को तोड़ने के लिए काम करेगी।

देश पर कर्ज बढ़ाने वाले बिल का विरोध

हाल ही में ट्रम्प द्वारा साइन किए गए एक टैक्स और खर्च कानून का ने विरोध किया था। मस्क ने इस बिल का विरोध इसलिए किया क्योंकि इससे देश पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा था। उन्होंने 2024 में ट्रम्प के फिर से चुनाव लड़ने का समर्थन किया था। बाद में उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का प्रमुख बनाया गया था। इस पद पर रहते हुए उन्हें सरकारी खर्च में कटौती करने के तरीके खोजने का काम सौंपा गया था।अब मस्क उन उम्मीदवारों को पैसा देंगे और उनका समर्थन करेंगे जो रिपब्लिकन पार्टी के उस बिल का विरोध करते हैं जिसकी उन्होंने आलोचना की थी। वे अपनी संपत्ति का इस्तेमाल ग्रांड ओल्ड पार्टी (रिपब्लिकन) के नेताओं को चुनौती देने के लिए भी करेंगे।हालांकि मस्क ने अभी तक अपनी पार्टी का पूरा प्लान नहीं बताया है, लेकिन उन्होंने कुछ विचार जरूर जाहिर किए हैं। उन्होंने कुछ लोगों के विचारों को शेयर किया है, जिनमें शामिल हैं:
  • देश पर कर्ज कम करना
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके सेना को आधुनिक बनाना
  • टेक्नोलॉजी से जुड़े कानूनों का समर्थन करना
  • ऊर्जा नियमों में कटौती करना
  • अभिव्यक्ति की आजादी को बढ़ावा देना
  • जन्म दर को बढ़ाना
  • दूसरे मामलों में बीच का रास्ता अपनाना
मस्क ने अमेरिका पार्टी को "रिपब्लिकन/डेमोक्रेट यूनिपार्टी" को बदलने का एक तरीका बताया है। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से पूछा कि पार्टी का पहला सम्मेलन कहां और कब होना चाहिए।

पूर्व में तीसरी असरदार पार्टी बनाने की कोशिशें नाकाम हुईं

अमेरिका में तीसरी पार्टी बनाने की कोशिशें पहले भी कई बार हुई हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली है। सन 2024 में प्यू रिसर्च सेंटर के एक सर्वे में पाया गया कि लगभग सभी वोटर या तो डेमोक्रेट या रिपब्लिकन का समर्थन करते हैं। बैलोटपीडिया के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में 50 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही प्रभावशाली बन पाई हैं।सन 1992 में रॉस पेरोट ने रिफॉर्म पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा था और उन्हें 19% वोट मिले थे। उनकी वजह से जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश चुनाव हार गए थे। सन 2000 में राल्फ नादर ने ग्रीन पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा था और डेमोक्रेट्स ने उन्हें अल गोर की हार का जिम्मेदार ठहराया था। वर्ष 2016 में हिलेरी क्लिंटन की हार के बाद जिल स्टीन को भी इसी तरह की आलोचना का सामना करना पड़ा था। खुद ट्रम्प ने भी 2000 में रिफॉर्म पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की कोशिश की थी। 2016 में रिपब्लिकन पार्टी से उम्मीदवार बनने से पहले उन्होंने 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भी विचार किया था।

अमेरिका की राजनीति में बदलाव संभव

का जन्म साउथ अफ्रीका में हुआ था और वे अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति बनने की योग्यता नहीं रखते हैं। वे वास्तव में 'किंग मेकर' बनना चाहते हैं। एलन मस्क का यह कदम अमेरिका की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। यह भविष्य में पता चलेगा कि उनकी पार्टी कितनी सफल होती है और क्या वह दो-दलीय सिस्टम को चुनौती दे सकेगी?


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