Tuesday, December 31, 2024

मुजफ्फरपुर में 'गंगाजल' कांड: तीन नशेड़ियों ने किया तेजाब से हमला, 4 लोग घायल, महिला की हालत गंभीर

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से 'गंगाजल' कांड की खबर सामने आई है। घटना औराई थाना क्षेत्र के सरहंचिया गांव की है। यहां तीन नशेड़ियों ने चार लोगों पर तेजाब फेंक दिया। यह घटना सोमवार देर शाम की है। हमले में सास-बहू समेत चार लोग झुलस गए। एक महिला की हालत गंभीर है। आरोपियों ने शराब के नशे में गाली-गलौज और मारपीट की। बीच-बचाव करने पर और लोगों पर भी तेज़ाब फेंका। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

घायल महिला की हालत गंभीर

घटना में घायल शांति देवी के सिर पर गंभीर चोट आई है। हमला इतना तेज था कि उनका सिर फट गया और उन्हें पांच टांके लगाने पड़े। इसके अलावा, वह तेजाब के कारण भी बुरी तरह झुलस गई हैं। अन्य घायलों में दिलीप साह, इंद्रासन देवी और आरती देवी शामिल हैं। सभी घायलों का एसकेएमसीएच (श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) में इलाज चल रहा है।

नशे में धुत आरोपियों ने किया हमला

घायलों के बयान के अनुसार, विजय साह, राधेश्याम, और मुनचुन साह नामक तीन व्यक्तियों ने शराब के नशे में गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने शांति देवी के साथ अभद्रता की और बीच-बचाव करने आए अन्य लोगों पर भी तेजाब फेंक दिया।

तेजाब हमले में सोना-चांदी का एसिड इस्तेमाल

ग्रामीण एसपी विद्यासागर ने बताया कि आरोपी सोना-चांदी के जेवर बनाने का काम करते हैं। इस काम में इस्तेमाल होने वाले तेजाब का इस्तेमाल हमला करने के लिए किया गया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन वे सभी घर बंद कर फरार हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी के प्रयास जारी

विद्यासागर ने बताया कि घायलों का फर्द बयान एसकेएमसीएच में दर्ज किया गया, जिसके आधार पर मंगलवार को मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि हर हाल में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। प्रारंभिक जांच में नशे में धुत होकर दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। पूछताछ के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों में भय और आक्रोश

इस घटना ने गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया है।


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Monday, December 30, 2024

अमेरिका का H-1B वीजा कार्यक्रम क्या है, जिसने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के बीच छेड़ दी बहस, जानें

: अमेरिका में H-1B वीजा कार्यक्रम पर खूब बहस हो रही है। रिपब्लिकन पार्टी के अंदर ही इस पर मतभेद हैं। अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस मामले में अपनी पुरानी नीतियों से थोड़ा अलग रुख अपना रहे हैं। उन्होंने इसे 'शानदार कार्यक्रम' कहा है। इससे उनके समर्थकों में भी बंटवारा हो गया है। विवेक रामास्वामी और निक्की हेली जैसे नेता भी इस बहस में कूद पड़े हैं। एलन मस्क की भी इसमें अपनी राय है। यह वीजा कुशल विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। यह वीजा खासकर टेक इंडस्ट्री में बहुत लोकप्रिय है, लेकिन इसे लेकर ट्रंप प्रशासन के 'अमेरिका फर्स्ट' के नारे के समर्थकों में असंतोष है। ट्रंप ने पहले नियमों को सख्त किया था, लेकिन 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान उनका रवैया थोड़ा नरम दिखा। उन्होंने कहा था, ''मैं एच-1बी वीजा में विश्वास करता हूं। मैंने इसे कई बार इस्तेमाल किया है। यह एक बेहतरीन कार्यक्रम है।" ट्रंप के बदले रुख से उनके समर्थकों में दोफाड़ हो गया है। कुछ लोग इसे व्यावहारिक कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे उनके सिद्धांतों से अलग।

H-1B Visa पर डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों में क्यों है भ्रम की स्थिति?

ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 'हायर अमेरिकन' नाम का एक आदेश जारी किया था। इसका मकसद अमेरिकी नागरिकों के हितों की रक्षा करना था। इस आदेश के तहत कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों को नौकरी पर रखना और मुश्किल हो गया था, लेकिन अब ट्रंप के बदले हुए बयान से उनके समर्थकों में भ्रम की स्थिति है। दरअसल, ट्रंप खुद एक व्यवसायी रहे हैं। उन्होंने अपने होटल और रियल एस्टेट कारोबार में विदेशी कर्मचारियों को नौकरी पर रखा है। इसलिए एच-1बी वीजा के प्रति उनका नरम रवैया उनकी व्यवसायिक पृष्ठभूमि से मेल खाता है।

विवेक रामास्वामी का क्या कहना है?

विवेक रामास्वामी ने इस मुद्दे पर अपनी राय सोशल मीडिया पर रखी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ''हमारी अमेरिकी संस्कृति ने उत्कृष्टता के बजाय सामान्यता को महत्व दिया है। एक ऐसी संस्कृति जो मैथ ओलंपियाड चैंपियन की बजाय प्रोम क्वीन या वेलेडिक्टोरियन की बजाय जॉक को महत्व देती है, वह सर्वश्रेष्ठ इंजीनियर नहीं पैदा करेगी।'' बता दें कि वेलेडिक्टोरियन का अर्थ (उत्तरी अमेरिका में) ऐसे छात्र से है जो ग्रेजुएशन सेरेमनी में विदाई भाषण देता है। जॉक का अर्थ ऐसे उत्तरी अमेरिकी युवा व्यक्ति से है जो किसी विशेष खेल के प्रति उत्साही होता है और उसे खेलने में बहुत समय बिताता है। प्रोम क्वीन का अर्थ ऐसी लड़की से है जिसे हाई स्कूल प्रोम में एक विशेष टाइटल और पोजिशन प्राप्त करने के लिए चुना जाता है। प्रोम स्कूल वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले औपचारिक नृत्य होते हैं।रामास्वामी ने आगे लिखा, ''शीर्ष तकनीकी कंपनियां अक्सर विदेशी मूल के और पहली पीढ़ी के इंजीनियरों को 'देशी' अमेरिकियों पर इसलिए नियुक्त करती हैं, क्योंकि अमेरिकी बुद्धिमत्ता में कमी है (यह एक आलसी और गलत व्याख्या है)। इसका एक मुख्य कारण संस्कृति है। कठिन प्रश्नों के कठिन उत्तर चाहिए।"

निक्की हेली क्या बोलीं?

निक्की हेली ने रामास्वामी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "अमेरिकी कर्मचारियों या अमेरिकी संस्कृति में कुछ भी गलत नहीं है। आपको बस बॉर्डर पर नजर डालनी है और देखना है कि हमारे पास जो है, उसे कितने लोग चाहते हैं। हमें अमेरिकियों में निवेश करना चाहिए और उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि विदेशी कर्मचारियों में।''

श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति से कुछ MAGA समर्थकों में नाराजगी

ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी उद्यमी श्रीराम कृष्णन को एआई सलाहकार नियुक्त किया है। इससे भी कुछ MAGA (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) समर्थकों में नाराजगी है। दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों का कहना है कि यह ट्रंप के प्रो-इमिग्रेशन झुकाव को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर इस नियुक्ति को लेकर कई षड्यंत्र के सिद्धांत भी घूम रहे हैं।

H-1B वीजा पर क्या है एलन मस्क का स्टैंड?

इसके अलावा, एच-1बी कार्यक्रम के मुखर समर्थक एलन मस्क के साथ ट्रंप का गठबंधन उनकी स्थिति को जटिल बनाता है। टेस्ला और स्पेसएक्स सहित मस्क की कंपनियां एच-1बी वीजा के सबसे बड़े लाभार्थियों में से हैं। मस्क ने आलोचकों को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी है, उन्होंने इस कार्यक्रम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए अनिवार्य बताया है।

H-1B वीजा क्या है?

एच-1बी वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है। यह उच्च शिक्षित विदेशी पेशेवरों को 'विशेष व्यवसायों' में काम करने की अनुमति देता है। इन व्यवसायों के लिए कम से कम स्नातक की डिग्री की आवश्यकता होती है। तकनीकी, इंजीनियरिंग, गणित और चिकित्सा विज्ञान जैसे क्षेत्रों में इस वीजा के लिए सबसे ज्यादा आवेदन आते हैं। यह वीजा आमतौर पर तीन साल के लिए वैध होता है, जिसे अधिकतम छह साल तक बढ़ाया जा सकता है। यह ग्रीन कार्ड के माध्यम से स्थायी निवास प्राप्त करने का रास्ता भी खोल सकता है।नियोक्ता को यह सुनिश्चित करना होता है कि एच-1बी कर्मचारी को नियुक्त करने से अमेरिकी कर्मचारियों की मजदूरी और कार्य स्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस कार्यक्रम के लिए प्रतिवर्ष 65,000 वीजा की सीमा है, जिसमें अमेरिकी संस्थानों से उच्च डिग्री धारकों के लिए अतिरिक्त 20,000 आरक्षित हैं। मांग ज्यादा होने के कारण वीजा आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। एच-1बी वीजा धारकों में भारतीयों की संख्या अच्छी-खासी है।

एच-1बी वीजा धारकों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में दिया है अहम योगदान

अमेरिका का तकनीकी क्षेत्र कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए एच-1बी कार्यक्रम पर काफी निर्भर है। अध्ययनों से पता चलता है कि एच-1बी वीजा धारकों ने अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 2021 में एच-1बी कर्मचारियों का औसत वेतन 108,000 डॉलर था, जबकि कुल मिलाकर अमेरिकी कर्मचारियों के लिए यह 45,760 डॉलर था। इसके अलावा कोविड-19 महामारी के दौरान टीके के विकास जैसे क्षेत्रों में एच-1बी कर्मचारियों की अहम भूमिका रही है।एच-1बी वीजा पर चर्चा अमेरिका में आप्रवास को लेकर बड़ी चिंताओं को दर्शाती है। आलोचकों का तर्क है कि यह कार्यक्रम घरेलू कर्मचारियों के लिए मजदूरी को कम करता है और विदेशी प्रतिभा पर निर्भरता को बढ़ावा देता है। समर्थकों का कहना है कि यह महत्वपूर्ण श्रम अंतराल को भरता है और नवाचार को बढ़ावा देता है।


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Sunday, December 29, 2024

राजस्थान में 1 जनवरी से नया टाइम टेबल, 66 ट्रेनों की रफ्तार होगी तेज, ये 8 ट्रेनें बनेंगी सुपरफास्ट

जयपुर: नए साल के पहले दिन, 1 जनवरी 2025 से, भारतीय रेलवे के उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने राजस्थान के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से संचालित होने वाली कई ट्रेनों के समय में बदलाव कर दिया है। इसके साथ ही, बीकानेर और जोधपुर से चलने वाली दो दर्जन से अधिक ट्रेनों के टर्मिनल स्टेशनों में भी बदलाव किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, कैप्टन शशि किरण के अनुसार, नई समय-सारणी लागू होने से ट्रेनों की औसत गति में सुधार हुआ है। उत्तर पश्चिम रेलवे की 66 गाड़ियों की गति बढ़ाई गई है, जिससे यात्रा के समय में बचत होगी। यह परिवर्तन यात्रियों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा।

ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में आंशिक बदलाव

नई समय-सारणी के अनुसार, विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में आंशिक बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले नई समय-सारणी के अनुसार अपने कार्यक्रम की योजना बनाएं।

यात्रा से पहले अपनी गाड़ी के समय की जांच करें

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा शुरू करने से पहले गाड़ियों का समय जरूर जांचें। साथ ही नए साल में 1 जनवरी 2025 से लागू की गई नई समय सारिणी के अनुसार अपनी रेल यात्रा का कार्यक्रम बनाए। इसके अलावा रेल यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा करने से पूर्व एसएमएस सेवा 139 अथवा वेबसाइट www.indianrail.gov.in या www.trainenquiry.com एवं NTES APP पर गाड़ी का समय देख लें, ताकि यात्री को कोई परेशानी नहीं आए।

बीकानेर से संचालित होने वाली इन गाड़ियों के टर्मिनल स्टेशन में बदलाव

गाड़ी संख्या 12403, प्रयागराज-बीकानेर एक्सप्रेस रेल सेवा 2 जनवरी 25 से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़़ तक संचालित होगी। वहीं गाड़ी संख्या 12404, बीकानेर-प्रयागराज एक्सप्रेस रेल सेवा नए साल में एक जनवरी से से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़़ से प्रयागराज के लिए संचालित होगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20403, प्रयागराज-बीकानेर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी 25 से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़़ तक संचालित होगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 12404, बीकानेर-प्रयागराज एक्सप्रेस रेलसेवा नववर्ष में दो जनवरी से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़़ से संचालित होगी।

बीकानेर से जाने-आने वाली गाड़ियों में बदलाव

1-गाड़ी संख्या 20471, बीकानेर-पुरी एक्सप्रेस रेलसेवा अब पांच जनवरी से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ से संचालित होगी।2-गाड़ी संख्या 20472, पुरी-बीकानेर एक्सप्रेस रेलसेवा नए साल में एक जनवरी से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ तक संचालित होगी।3-गाड़ी संख्या 14707, बीकानेर-दादर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी से से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ से संचालित होगी।4-गाड़ी संख्या 14708, दादर-बीकानेर एक्सप्रेस रेलसेवा अब एक जनवरी से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ तक संचालित होगी।5-गाड़ी संख्या 12404, बीकानेर-प्रयागराज एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी 25 से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ से प्रयागराज के लिए संचालित होगी।6 -गाड़ी संख्या 20403, प्रयागराज-बीकानेर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी.25 से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ तक संचालित होगी।7 -गाड़ी संख्या 12404, बीकानेर-प्रयागराज एक्सप्रेस रेलसेवा 2 जनवरी 25 से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ से संचालित होगी।8 -गाड़ी संख्या 20471, बीकानेर-पुरी एक्सप्रेस रेलसेवा 5 जनवरी 25 से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ से संचालित होगी।9 -गाड़ी संख्या 20472, पुरी-बीकानेर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ तक संचालित होगी।10 -गाड़ी संख्या 14707, बीकानेर-दादर एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक एक जनवरी से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ से संचालित होगी।11 गाड़ी संख्या 14708, दादर-बीकानेर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ तक संचालित होगी।

जोधपुर से संचालित होने वाली गाड़ियों में बदलाव

1 -गाड़ी संख्या 19225, जोधपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी से जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी से संचालित होगी।2-गाड़ी संख्या 19226, जम्मूतवी-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी.25 से जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी तक संचालित होगी।3-गाड़ी संख्या 12465, इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा एकउ जनवरी.25 से जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी तक संचालित होगी।4-गाड़ी संख्या 12466, जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक एक जनवरी से जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी से संचालित होगी।5-गाड़ी संख्या 14807, भगत की कोठी-दादर एक्सप्रेस रेलसेवा 3 जनवरी.25 से भगत की कोठी के स्थान पर जोधपुर से संचालित होगी।6-गाड़ी संख्या 14808, दादर-भगत की कोठी एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी 25 से भगत की कोठी के स्थान पर जोधपुर तक संचालित होगी।7-गाड़ी संख्या 12403, प्रयागराज-बीकानेर एक्सप्रेस रेलसेवा 2 जनवरी 25 से बीकानेर के स्थान पर लालगढ़ तक संचालित होगी।8-गाड़ी संख्या 19225, जोधपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक एक जनवरी से जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी से संचालित होगी।9-गाड़ी संख्या 19226, जम्मूतवी-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक एक जनवरी जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी तक संचालित होगी।10-गाड़ी संख्या 12465, इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी से जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी तक संचालित होगी।11-गाड़ी संख्या 12466, जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी से जोधपुर के स्थान पर भगत की कोठी से संचालित होगी।12-गाड़ी संख्या 14807, भगत की कोठी-दादर एक्सप्रेस रेलसेवा 3 जनवरी.25 से भगत की कोठी के स्थान पर जोधपुर से संचालित होगी।13-गाड़ी संख्या 14808, दादर-भगत की कोठी एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी 25 से भगत की कोठी के स्थान पर जोधपुर तक संचालित होगी।

इन गाड़ियों को एक्सप्रेस से सुपरफास्ट में बदला

1. गाड़ी संख्या 19703, उदयपुर सिटी-असारवा एक्सप्रेस रेलसेवा एक जनवरी से गाड़ी संख्या 20987, उदयपुर सिटी-असारवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।2. गाड़ी संख्या 19704, असारवा-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक एक जनवरी से गाड़ी संख्या 20988, असारवा-उदयपुर सिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।3. गाड़ी संख्या 19407, साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस रेलसेवा 2 जनवरी से गाड़ी संख्या 20963, साबरमती- वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।4. गाड़ी संख्या 19408, वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस रेलसेवा 4 जनवरी .25 से गाड़ी संख्या 20964, वाराणसी-साबरमती सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।5. गाड़ी संख्या 19009, बान्द्रा टर्मिनस-बाडमेर एक्सप्रेस रेलसेवा 3 जनवरी 25 से गाड़ी संख्या 21901, बान्द्रा टर्मिनस-बाडमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।6. गाड़ी संख्या 19010, बाडमेर-बान्द्रा टर्मिनस एक्सप्रेस रेलसेवा 4 जनवरी 25 से गाड़ी संख्या 21902, बाडमेर-बान्द्रा टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।7. गाड़ी संख्या 19055, वलसाड-भगत की कोठी एक्सप्रेस रेलसेवा 7 जनवरी.25 से गाड़ी संख्या 22991, वलसाड-भगत की कोठी सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।8. गाड़ी संख्या 19056, भगत की कोठी-वलसाड एक्सप्रेस रेलसेवा8 जनवरी 25 से गाड़ी संख्या 22992, भगत की कोठी-वलसाड सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।

इन गाड़ियों को एक्सप्रेस रेलसेवा से हमसफर रेलसेवा में बदला

1. गाड़ी संख्या 13423, भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन छह जनवरी 25 से गाड़ी संख्या 13423, भागलपुर-अजमेर हमसफर एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।2. गाड़ी संख्या 13424, अजमेर- भागलपुर एक्सप्रेस ट्रेन 8 जनवरी 25 से गाड़ी संख्या 13424, अजमेर- भागलपुर हमसफर एक्सप्रेस रेलसेवा के रूप में संचालित होगी।


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Saturday, December 28, 2024

सोमा और लाली भी गुरू के साथ कर रहीं कल्पवास, संतों की तरह बेजुबानों को भी भा रही है महाकुंभ की भव्य दुनिया

प्रयागराजः प्रयागराज में संगम की रेती पर आयोजित होने जा रहे महाकुम्भ में अभी से भक्ति ,साधना और अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहित हो रही है। महाकुम्भ के अखाड़ा सेक्टर में नागा संन्यासियों के शिविर में इसके विभिन्न रंग देखने को मिल रहे हैं। यहां नागा संन्यासियों के पशु प्रेम ने सबका दिल जीत लिया है। महाकुम्भ नगर के अखाड़ों के शिविरों में संन्यासियों की एंट्री हो चुकी है। देश के कोने कोने से आए अद्भुत साधक और संन्यासी यहां दिखने लगे हैं। इनमें कुछ अपने पशु जीव प्रेम के लिए अलग नजर आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के नरसिंह पुर से महाकुम्भ आए महंत श्रवण गिरी के एक हाथ में भगवान गणेश के नाम जाप की माला रहती है तो दूसरे हाथ में डॉगी लाली का पट्टा। लाली उनके लिए बेजुबान जानवर नहीं बल्कि उनके लिए उनकी साधना का हिस्सा है। महंत श्रवण गिरी बताते है कि 2019 के कुम्भ में प्रयागराज से काशी जाते समय रास्ते में उन्हें लाली मिली थी। दो महीने की लाली तब से उनके साथ है। जब वह साधनारत होते हैं तो लाली शिविर के बाहर उनकी रखवाली करती है। इतना ही नहीं लाली का हेल्थ कार्ड भी उन्होंने बनवाया है जिसमें उसे निशुल्क उपचार मिलता है। महंत तारा गिरी की आंखों का तारा है सोमामहाकुम्भ के अखाड़ा सेक्टर में महंत श्रवण गिरी अकेले पेट लवर नहीं हैं। गुड़गांव के खेटाबास आश्रम से महाकुम्भ आए जूना अखाड़े के श्री महंत तारा गिरी अपने पेट सोमा के साथ ही अखाड़े के बाहर धूनी रमा रहे हैं। श्री महंत तारा गिरी बताते है कि सोमवार के दिन सोमा का जन्म हुआ था इसलिए उसका नाम सोमा रखा गया। सोमा की देखभाल महंत तारा गिरी की शिष्या पूर्णा गिरी करती हैं। पूर्णा गिरी बताती हैं कि साधु संतों के कोई परिवार या बच्चे तो होते नहीं हैं ऐसे में यहीं सोमा जैसे पेट ही उनकी संतान है जिसे वो एक अतिथि की तरह रखती है। सोमा भी उनकी तरह तिलक लगाती है, अपनी जटाएं बंधवाती हैं। सोमा भी पूरी तरह सात्विक भोजन ग्रहण करती है। पूर्णा गिरी बताती है कि जितना समय उन्हें अपनी साधना के लिए तैयार होने में नहीं लगता उससे अधिक सोमा को सजाने संवारने में लगता है।


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Friday, December 27, 2024

मनमोहन सिंह के निधन पर झारखंड में 'मन' उदास, हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, किया भावुक पोस्ट; जानें क्या लिखा...

रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री ने दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस मौके पर झारखंड सरकार की मंत्री , और हेमंत सोरेन की पत्नी भी मौजूद थीं।

पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने दिल्ली पहुंचे सीएम और मंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर में सेवा विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री के साथ ही मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और कल्पना सोरेन भी दिल्ली स्थित पूर्व प्रधानमंत्री के आवास पहुंचीं। इस दौरान मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। बाद में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के परिजनों से मुलाकात की।

सीएम, मंत्री और कल्पना सोरेन ने परिजनों से मुलाकात की

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर वहां रखे टेबल बुक पर कुछ शब्द लिखकर उन्हें याद किया। बाद में हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि दी। मरांग बुरु दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों समेत देश को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति और साहस दे।

झारखंड में भी 7 दिनों का राजकीय शोक

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर झारखंड में भी सात दिनों के राजकीय शोक का ऐलान किया गया। इस दौरान कोई भी राजकीय समारोह नहीं होगा। वहीं 28 जनवरी को रांची में आयोजित होने वाला मंईयां सम्मान योजना के कार्यक्रम को भी स्थगित कर दिया गया है।


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Thursday, December 26, 2024

पूर्व PM मनमोहन सिंह का मध्य प्रदेश से रहा खास नाता, जबलपुर में कमलनाथ का दिया था साथ

भोपालः देश के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह का निधन हो गया है। गांधी परिवार के खास और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज में मृत्यु की पुष्टि की गई है। 2004 से 2014 तक पीएम रहे मनमोहन सिंह का यूं तो मध्य प्रदेश की धरती से कोई सामाजिक जुड़ाव तो नहीं रहा है। लेकिन, राजनीतिक रूप में वे दो बार सक्रिय रूप से प्रदेश में आए थे।

पूर्व पीएम की पहली एमपी यात्रा

एक बार जब वे प्रधानमंत्री थे तब 17 नवंबर 2013 को जबलपुर आए थे। उन्होंने, मध्य प्रदेश के तत्कालीन विधानसभा चुनाव के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित भी किया था। उस दौरान उनके साथ मंच में कमल नाथ भी नजर आए थे। इस सभा के 6 महीने बाद ही यूपीए की सरकार चली गई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए।

डॉ मनमोहन सिंह की दूसरी यात्रा

दूसरी बार मनमोहन सिंह मध्यप्रदेश में वर्ष 2019 में आए थे। 17 दिसंबर 2019 को जब मध्यप्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को एक वर्ष पूरे हुए तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भोपाल आए थे। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन सीएम कमल नाथ के साथ मीडिया से संयुक्त रूप से चर्चा की थी। उस दौरान कमल नाथ सरकार ने अपना 'विजन डॉक्यूमेंट' लांच किया था।उस समय देश में लोकसभा चुनाव कुछ ही महीने बाद होने जा रहे थे। तब मनमोहन सिंह ने भाजपानीत केन्द्र सरकार के राज में देश की चिंताजनक आर्थिक स्थिति के बारे में बात की थी।

दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस

का पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य खराब चल रहा था। गुरुवार के दिन उनको अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। हालांकि उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो पाया और उन्होंने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।


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Wednesday, December 25, 2024

सावधान! ठंड से बचने को चारपाई के नीचे अलाव रखकर सोई बुजुर्ग महिला, रजाई में झुलसकर जिंदा जली

रतन पटेल, चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां ठंड से बचाव के लिए चारपाई के नीचे आग जलाकर सोई बुजुर्ग महिला की मौत रात्रि में आग से झुलसने के कारण हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा है।यह हृदय विदारक घटना चित्रकूट जिले की मऊ तहसील के इटवा रामपुर गांव में बुधवार को सवेरे हुई। बताया गया कि 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला संतोषिया पत्नी स्व नंदू अपने तीन बेटों के साथ गांव में रहती थी। पति नंदू के निधन के बाद उसके तीनों बेटों भैयालाल, नत्थू व राजू ने आपस में बंटवारा कर लिया था। जिसके चलते संतोषिया अपने छोटे बेटे राजू के साथ रहती थी।बीते मंगलवार की शाम खाना खाने के बाद संतोषिया को ठंडक का अहसास हुआ। जिसके चलते उसने अपनी चारपाई के नीचे आग जला ली और उसके बाद रजाई ओढ़कर सो गई।इस दौरान बुधवार को भोर के समय चारपाई के नीचे जल रही आग में लपटे उठने लगी और संतोषिया का बिस्तर उसकी चपेट में आ गया। कुछ ही देर में वह बुरी तरह झुलस गई और उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे रैपुरा थाना प्रभारी श्याम प्रताप सिंह पटेल ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।


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