Monday, November 11, 2024

मुस्लिम देशों की मीटिंग में शामिल नहीं हुए ईरानी राष्ट्रपति, सऊदी प्रिंस को पहले ही दी थी जानकारी, ये है कारण

तेहरान: इजरायल-हमास युद्ध को एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। गाजा और लेबनान में बढ़ते संकट को देखते हुए में सोमवार को एक महत्वपूर्ण अरब-इस्लामिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। अरब और इस्लामी दुनिया भर के नेताओं ने इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। लेकिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान इसमें शामिल नहीं हुए। शिखर सम्मेलन में शामिल न होने के पीछे उन्होंने व्यस्तता को कारण बताया।ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान-सऊदी अरब संबंधों पर चर्चा के लिए फोन पर बातचीत की। दोनों के बीच रविवार शाम को बात हुई। इसके बाद ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि वह सोमवार यानी 11 नवंबर को अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की संयुक्त मीटिंग में हिस्सा लेने में असमर्थ होंगे। ईरान की सरकारी मीडिया IRNA के मुताबिक ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनका कार्यक्रम व्यस्त है।

इजरायल की आलोचना करता रहा है सऊदी

इतनी अहम मीटिंग में ईरान के न शामिल होने का फैसला दिलचस्प है। ऐसा माना जा सकता है कि ईरान अपने राष्ट्रपति को मीटिंग में तभी शामिल करना चाहेगा जब इसका इस्तेमाल केवल इजरायल के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए हो। सऊदी अरब गाजा और लेबनान में इजरायली कार्रवाई की आलोचना करता रहा है। सऊदी अरब इस मीटिंग का इस्तेमाल अरब और मुस्लिम दुनिया के अपने नेतृत्व को दिखाने के लिए करना चाहता है।

ईरान के उपराष्ट्रपति होंगे शामिल

ईरानी मीडिया ने कहा, 'पेजेशकिया ने कहा कि उनके उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ बैठक में हिस्सा लेंगे। ईरानी और सऊदी अधिकारियों के दृढ़ संकल्प का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति पेजेशकियान ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच संबंध और विकसित होंगे।' सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने कहा कि वह समझते हैं कि पेजेशकियान इसमें शामिल नहीं होंगे और उन्होंने ईरान की सफलता की कामना की।


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Sunday, November 10, 2024

राजस्थान उपचुनाव 2024: नेताओं को संयमित भाषा अपनाने की दी नसीहत, टोंक में बोले सचिन पायलट

Keywords psis y टोेंक : राजस्थान में 13 नवंबर की तिथि नजदीक आने के साथ सियासत का पारा लगातार चढ़ता ही जा रहा है। इस दौरान राजस्थान के टोंक जिले की देवली उनियारा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के दिग्गज और टोंक विधायक सचिन पायलट ने हुंकार भरी है। उन्होंने भजनलाल सरकार को जमकर घेरते हुए सियासी हमले किए। इस दौरान एक फिर रघु शर्मा के ‘कत्ले आम‘ का बयान लेकर मुद्दा गरमाया। उन्होंने नेताओं को संयमित भाषा उपयोग करने की नसीहत दी। इस चुनावी सभा में सचिन पायलट के करीबी रह चुके निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को टोंक सांसद हरीश मीणा ने उनके ही सामने जमकर घेरा। उन्होंने नरेश मीणा को बीजेपी का एजेंट बता दिया। उन्होंने कहा कि वह जिस थाली में खाता है, उसी में छेद करता है।

पायलट ने सरकार को घेरा, तो नेताओं को संयमित भाषा की नसीहत दी

दरअसल, सचिन पायलट टोंक जिले के उनियारा में रविवार को कांग्रेसी प्रत्याशी कस्तूर चंद मीणा के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भजनलाल सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि 11 महीने में जनता का मोह इस सरकार से भंग हो चुका है। अब 4 साल बाद फिर से राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। इस दौरान पायलट ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कांग्रेसी नेता रघु शर्मा के बयानों को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति में संयमित भाषा होनी चाहिए, जो मैंने स्वर्गीय पायलट साहब से यह सीखी।

पायलट के करीबी नरेश मीणा को जमकर घेरा सांसद ने

सचिन पायलट के खास रह चुके निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को टोंक सांसद हरीश मीणा ने उनके ही सामने जमकर घेरा। उन्होंने नरेश मीणा को बीजेपी का एजेंट तक बताया। उन्होंने नरेश मीणा से पूछा कि कि एक हजार गाड़ियों और शराब का पैसा कौन दे रहा है? वह कहता है कि मैं कांग्रेस का सिपाही हूं, जबकि यह आदमी बीजेपी का एजेंट है। इस आदमी के राजस्थान की पुलिस पीछे पड़ी है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि यह आदमी जिस थाली में खाता है, उसी में छेद करता हैै।हरीश मीणा और नरेश मीणा के बीच जुबानी जंग जारीदेवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव को लेकर सांसद हरीश मीणा और नरेश मीणा के बीच जमकर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। बीते दिनों नरेश मीणा ने अपना टिकट कटने की वजह टोंक सांसद हरीश मीणा को बताया। उन्होंने हरीश मीणा के खिलाफ जमकर बयान बाजी की। जवाब में सांसद हरीश मीणा भी नरेश मीणा को 'चोर और उठाईगिरा' बताते हुए नजर आ रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हुआ। उन्होंने कहा कि “यह भाड़े के लोग 10 को ही चले जाएंगे…जो आदमी कभी मुरारी लाल मीणा को गाली देता है, कभी प्रमोद जैन भाया को गाली निकालता है, कभी शांति धारीवाल को गाली देता है, छबड़ा में करण सिंह जी को हरा दिया…है कौन ये, क्या संस्कार है इसके…हमें ऐसे उठाईगिरों और चोरों से ईमानदारी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।”


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Saturday, November 9, 2024

कानपुरियों को मिलेगा बड़ा तोहफा! बिना जाम के IIT से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो से करिए सफर, बनेंगे 5 नए स्टेशन

कानपुर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर समेत कई जिलों में मेट्रो सेवा शुरू होने से यात्रियों को जाम से छुटकारा मिल गया है। लखनऊ के बाद अब कानपुर में मेट्रो का विस्तार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो की सौगात देने की घोषणा की है। सीएम योगी ने कहा कि कानपुर मेट्रो शहर की विकास यात्रा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। वहीं आईआईटी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक मेट्रो चलाने की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। आने वाले दिनों में मोतीझील के आगे कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेन का टेस्ट रन किया जाएगा।यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि इसके शुरू होने से ट्रैफिक को सुदृढ़ करने और जाम से निजात दिलाने में काफी मदद मिलेगी। साथ ही मेट्रो का विस्तार होने से 5 नए मेट्रो स्टेशन भी बढ़ जाएंगे। कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारीदरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को कानपुर पहुंचे थे। यहां शहरवासियों को आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेन की सौगात दी है। सीएम योगी ने कहा कि कानपुर मेट्रो शहर की विकास यात्रा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। शहर को मेट्रो के रूप में यात्रा का एक बेहतरीन साधन प्राप्त हुआ है। कानपुर मेट्रो बहुत शानदार तरीके से चल रही है, इससे शहर के अंदर यातायात की तस्वीर बदली है। सीएम योगी ने कहा कि आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो से यात्रा का आपका सपना भी जल्द ही सच साबित होने जा रहा है। जनवरी 2025 में कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो की यात्री सेवा आरंभ कर दी जाएगी। इससे शहरवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। आने वाले समय में अधिक से अधिक लोग रोजाना मेट्रो से यात्रा कर सकेंगे।विस्तार होने से 5 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगेमेट्रो विभाग की ओर से बताया गया कि कानपुर मेट्रो द्वारा आईआईटी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक मेट्रो चलाने की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। आने वाले दिनों में मोतीझील के आगे कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेन का टेस्ट रन किया जाएगा। कानपुर मेट्रो का परिचालन मौजूदा समय में प्रॉयोरिटी कॉरिडोर पर IIT से मोतीझील तक किया जाता है। जिसके अंतर्गत कुल 9 एलिवेटेड स्टेशन आते हैं। जनवरी 2025 में कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो रूट के विस्तार होने के बाद 5 और स्टेशन जुड़ जाएंगे। जिसमें चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज और कानपुर सेंट्रल शामिल होंगे। विभाग की ओर से बताया गया कि ये सभी स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे। इसके साथ ही शहर के अंदर अंडरग्राउंड मेट्रो से यात्रा का भी शुभारंभ हो जाएगा। NCMC कार्ड लागू करने वाला कानपुर मेट्रो प्रदेश की पहली मेट्रो सेवाये सभी स्टेशन शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में अवस्थित हैं, जिन्हें शहर का मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र भी माना जा सकता है। इन क्षेत्रों से होकर मेट्रो के गुजरने से समय और उर्जा दोनों की ही बचत होगी। मेट्रो की सुविधाजनक और किफायती यात्रा का शहर की अर्थव्यवस्था पर भी काफी सकारात्मक असर पड़ेगा। कानपुर मेट्रो नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी कार्ड) लागू करने वाली प्रदेश की पहली मेट्रो सेवा भी है।वहीं मौजूदा समय में लगभग 24 किमी लंबे कॉरिडोर-1 आईआईटी- नौबस्ता के अंतर्गत कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाएं 9 किमी लंबे प्रॉयरिटी कॉरिडोर IIT-मोतीझील पर चल रहीं हैं। कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन यानी चुन्नीगंज से नौबस्ता तक चल रहे निर्माण कार्य के अलावा लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 CSA-बर्रा 8 का निर्माण कार्य भी तेजी से बढ़ रहा है। कॉरिडोर-2 पर टीबीएम मशीन गोमती द्वारा टनल निर्माण का कार्य भी आरंभ हो चुका है।मेट्रो शुरू होने से जाम से मिलेगा छुटकारावहीं उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कानपुर शहर को ट्राम से मेट्रो तक के सफर का गौरव हासिल है। IIT से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेन शुरू होने से शहर के अंदर ट्रैफिक को सुदृढ़ करने और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने में काफी मदद मिलेगी। अभी आईआईटी से मोतीझील के बीच का सफर लगभग एक से सवा घंटे में सड़क के रास्ते पूरा होता है लेकिन मेट्रो से यह दूरी महज आधे घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी।मोतीझील के आगे कानपुर सेंट्रल तक अप-लाइन पर मेट्रो ट्रैक का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इस स्ट्रेच में पड़ने वाले सभी स्टेशनों पर ट्रैक, थर्ड रेल सिस्टम, सिग्नल आदि इंस्टॉल करने की प्रक्रिया भी लगभग अपने अंतिम चरण में है। जल्द ही इन स्टेशनों के फिनिशिंग का कार्य पूरा कर कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन किया जाएगा। कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन पर सभी निर्माण कार्य सुनियोजित ढंग से पूरे हो रहे हैं। जल्द ही शहरवासियों को आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो की सौगात मिलेगी।


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Friday, November 8, 2024

महिला नसबंदी से जुड़े वीडियो वायरल होने पर एक्शन, 2 डॉक्टरों समेत 6 कर्मचारियों पर गिरी गाज

अभय सिंह राठौड़, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में लापरवाह और गलत काम में संलिप्त अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। सीएम योगी से लेकर विभाग के मंत्री तक जिम्मेदारों के खिलाफ नजीर पेश करने वाली कार्रवाई करने में पीछे नहीं रहते हैं। इसी क्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी फुल एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संजीदा उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सीतापुर जिले से वायरल महिला नसबंदी के वीडियो का संज्ञान लेकर बड़ी कार्रवाई के निर्देश दे दिए है। इस मामले में दो डॉक्टर समेत 6 कर्मचारियों पर गाज गिरी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी दशा में बक्शा नहीं जाएगा। महिलाओं के प्रति सरकार बेहद संवेदनशील है।दरअसल सीतापुर जिले के हरगांव इलाके के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के ओटी से एक महिला के नसबंदी संबंधित वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। वहीं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सीतापुर सीएमओ को जांच के आदेश दे दिए थे। उपमुख्यमंत्री के आदेश पर सीएमओ ने मामले की जांच कराई। शुरूआती जांच में दोषी पाए गए जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। वहीं इस मामले में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि हरगांव सीएचसी अधीक्षक डॉ. नीतेश वर्मा को तत्काल एलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थानान्तरित कर दिया गया है। साथ ही उनका एक महीने का वेतन रोकते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके अलावा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. गोविन्द का भी एक महीने का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि स्टाफ नर्स राधा वर्मा और वार्ड आया कल्पना को हरगांव सीएचसी से हटाकर कसमंडा सीएचसी में तैनात कर दिया गया है। साथ ही एक माह का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तबल किया गया है।उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि ट्रेनी फार्मासिस्ट सत्य प्रकाश और अतुल अवस्थी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ने कहा कि महिलाओं की गोपनीयता भंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट सीएमओ को चार दिन में देनी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर से इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्यवाही की जाएगी। ब्रजेश पाठक ने कहा कि घटना के समय ओटी में मौजूद सभी डॉक्टर और कर्मचारियों के मोबाइल की जांच कराई जाएगी। मरीजों की गोपनीयता भंग करने वाले किसी भी दशा में बच नहीं पाएंगे।


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Thursday, November 7, 2024

सुक्खू की जगह उनके स्टाफ को कैसे परोसे गए समोसे-केक? CID जांच में हुआ खुलासा

शिमला में हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 अक्टूबर को एक कार्यक्रम के सिलसिले में सीआईडी मुख्यालय गए थे. सीएम के लिए लाए गए समोसे और केक उनके बजाय उनके स्टाफ को परोस दिए गए. सीआईडी ने बकायदा ​​इस मामले की जांच की. आइये जानते हैं कि जांच में क्या खुलासा हुआ....

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Wednesday, November 6, 2024

20 रन बनाने में गिर गए 10 विकेट, इस भारतीय टीम के 9 बल्लेबाज दहाई तक नहीं पहुंच सके

शिलांग: रणजी ट्रॉफी ग्रुप ए एलीट वर्ग में के खिलाफ मेघालय की टीम का बुरा हाल हो गया। मैच में मेघालय की टीम को टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी का मौका था। मेघालय के लिए ओपनर बल्लेबाड बामनभा शेंगप्लियांग और अर्पित भटेवरा ने सधी हुई शुरुआत की थी, लेकिन शेंगप्लियांग 53 रन के स्कोर पर आउट हो गए।ऐसा लगा कि शेंगप्लियांग के बाद अर्पित पारी को संभालने का काम करेंगे, लेकिन वे भी 24 रन बनाकर आउट हो गए। बैक टू बैक दो विकेट गिरने के बाद मेजबान मेघालय की हालत खराब हो गई थी। यहां से टीम को एक अच्छी पार्टनरशिप की जरूरत थी, लेकिन जम्मू कश्मीर के गेंदबाजों ने ऐसा होने ही नहीं दिया।73 रन के स्कोर पर मेघालय ऑल आउट जम्मू-कश्मीर के खिलाफ जब मेघालय की पारी शुरू हुई थी तो टीम ने 2 विकेट के नुकसान पर 56 रन बना लिए थे। ऐसा लग रहा था कि मेघालय की टीम यहां से वापसी कर लेगी, लेकिन टीम की 20 रन बनाने में हालत खराब हो गई और पूरी टीम 73 रन के स्कोर सिमट गई। इस दौरान मेघालय के पांच बल्लेबाज ऐसे जो अपना खाता तक नहीं खोल पाए। वहीं 9 खिलाड़ी ऐसे रहे जो दहाई के आंकड़े को भी छूने में सफल नहीं रहे।आकिब और आबिद ने ढाया कहर गेंदबाजी में जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी और आबिद मुश्ताक ने अपना कहर बरपाया। इन दोनों गेंदबाजों ने अपनी टीम के लिए पंजा खोला। आकिब नबी ने 14 रन देकर पांच विकेट झटके जबकि आबिद मुश्ताक ने 19 रन देकर इतने ही विकेट अपने नाम किए।मेघालय को सिर्फ 73 रन के स्कोर पर समेटने के बाद जम्मू-कश्मीर ने बल्लेबाजी भी कुछ खास नहीं रही है। टीम ने सिर्फ 125 रन के स्कोर अपने 6 विकेट गंवा दिए। ऐसे में उसे पहली पारी में 52 रन की बढ़त हासिल हुई है। मेघालय के लिए गेंदबाजी में आकाश कुमार (39 रन तीन विकेट) ने मेजबान टीम को वापसी दिलाने की कोशिश की है।


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Tuesday, November 5, 2024

कानपुर के इन तीन हाइवे पर प्रति किलोमीटर देना होगा टोल टैक्स, नई व्यवस्था के बारे में जान लीजिए

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में अब एक्सप्रेसवे की तर्ज पर नेशनल हाईवे पर भी प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल टैक्स की व्यवस्था लागू होगी। नेशनल हाईवे पर आप अपने वाहन को जितनी दूर तक लेकर जाएंगे, उतना ही टोल देना पड़ेगा। प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल अदा करने की एनएचएआई की योजना पहले चरण में अप्रैल 2025 तक हाइब्रिड सिस्टम से लागू होगी। इस योजना में देश के प्रमुख हाईवे शामिल किए गए हैं। हालांकि, टोल प्लाजा भी पूर्व की तरह चलते रहेंगे। कानपुर क्षेत्र में प्रयागराज, अलीगढ़ और उन्नाव-लालगंज हाईवे को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।हाइवे पर प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल टैक्स वसूली को लेकर प्रक्रियाओं को पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। तीनों हाइवे का पूरा डेटा ग्लोबल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम (GNSS) पर डाला जा रहा है। दूरी, टोल प्लाजा, गुजरने वाले वाहन और चढ़ने-उतरने की सर्विस लेन कनेक्टिविटी से लेकर पूरा मैप जीएनएसएस पर होगा।

टोल प्लाजा खत्म करने की है योजना

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद धीरे-धीरे टोल प्लाजा खत्म किए जाएंगे। योजना के तहत हाइवे पर सफर करने के दौरान कोई वाहन 24 घंटे में 20 किलोमीटर तक सफर करता है तो उसे टोल टैक्स नहीं देना होगा।

क्या है वर्तमान व्यवस्था?

वर्तमान व्यवस्था के तहत दो टोल के बीच कोई वाहन सफर करता है तो उसे शुल्क नहीं देना पड़ता है। इसका अर्थ यह हुआ कि एक टोल से दूसरे टोल की न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होती है। ऐसे में कोई फास्टैग लगा वाहन टोल प्लाजा से नहीं गुजरता है तो उसे पैसा नहीं देना होता है। हालांकि, प्रति किलोमीटर टोल व्यवस्था में 20 किलोमीटर से अधिक का सफर करने पर टोल टैक्स देना होगा। हाइब्रिड सिस्टम के तहत फास्टैग से भी टोल कटेगा।

वाहनों में ओबीयू जरूरी

जीएनएसएस के तहत टोल देने के लिए वाहनों में एबीयू यानी ऑन बोर्ड यूनिट लगवाना होगा। नए वाहनों में फैक्ट्री फिटेड ओबीयू होगा। अभी शोरूम मालिक अपने परिसर से बाहर निकलने वाली नई कारों में जिस तरफ फास्ट्रेक स्टिकर लगवाते हैं, वैसे ही ओबीयू लगवाएंगे। जैसे ही जीएनएसएस वाहन टोल गेट से गुजरेगा, उसे एक पिंग प्राप्त होगा।इस पिंग में वाहन चालक को दूरी, समय और टिकट मिलेगा। ओबीयू के जरिए फास्ट्रेक की तरह इलेक्ट्रॉनिक भुगतान होगा। इससे वाहन चालकों को अधिक परेशानी नहीं होगी।

एनएचएआई ने दी जानकारी

एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमन रोहिला ने बताया कि एनएचएआई पहले चरण में टोल प्लाजा के साथ सेटेलाइट के माध्यम से टोल भुगतान की सुविधा शुरू करने जा रहा है। कानपुर के तीनों हाइवे की पूरी जानकारी हाइब्रिड सिस्टम पर डालने के लिए मुख्यालय को भेज दी गई है। एक्सप्रेसवे की तर्ज पर जितनी दूरी वाहन तय करेगा, उसे उतना ही टोल देना होगा।


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