यूरोप में चीन के महत्वपूर्ण सहयोगी जर्मनी ने भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को झटका दिया है। कुल मिलाकर यदि चीन ने अपनी आक्रामकता और विस्तारवादी नीति नहीं छोड़ी तो आने वाले दिनों में उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2Hn13JN
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