Thursday, August 3, 2023

राजेंद्र गुढ़ा के पास कुछ तो राज... लाल डायरी और भीलवाड़ा रेप केस पर सतीश पूनिया का बयान

कोटा : प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक है, लिहाजा नेताओं का लगातार जिलों के दौरे जारी है। इसी क्रम में विधानसभा उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया कोटा पहुंचे। यहां उन्होंने राज्य सरकार को घेरते हुए कई मुद्दे पर अपनी बात रखी। इस दौरान सतीश पूनिया भीलवाड़ा की कोटडी की घटना का जिक्र भी जिक्र किया। यहां गैंगरेप के बाद बालिका की हत्या और उसे भट्टी में जलाने के मुद्दे पर पूनिया ने कहा कि अब पानी सर से ऊपर जा चुका है। निर्भया की बातें पहले खूब हुई थी। लेकिन अब राजस्थान में भी घटनाएं बर्बरता की सभी हदें पार कर रही है। पूनिया ने इस दौरान सरकार को थानागाजी गैंगरेप से अब तक हुई दुष्कर्म की घटनाओं पर घेरा। मणिपुर मामले में पूछे गए सवाल का जवाब देते उन्होंने कहा किसी भी प्रदेश की, किसी भी मामले में तुलना नहीं की जा सकती। मैं यहां बात सिर्फ राजस्थान की करूंगा। क्योंकि हम यहां रहते हैं। यह कोई एक्सयूज नहीं है कि राजस्थान की सरकार को माफ कर दिया जाए।

मीठा-मीठा गप गप, खारा खारा थू थू

लाल डायरी प्रकरण के बाद आज राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के घर पुलिस पहुंचने के मुद्दे पर भी पूनिया ने अपनी बात रखी। इस दौरान पूनिया बोले कि गहलोत ने गुढ़ा को संकटमोचक कहा था। कांग्रेस की फितरत है, मीठा-मीठा गप गप, खारा खारा थू थू । अब बर्खास्त मंत्री ने सरकार, कानून व्यवस्था, रेप की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सदन में कहा तो उनको बर्खास्त कर दिया। इससे पता लगता है उनके पास सरकार का कोई ना कोई राज है। अभी 3 पन्ने सामने आए हैं। इसलिए मुझे लगता है कि अभी धुआं है तो आग भी पक्की होगी। इसका खुलासा प्रमाणिक रूप से कब होगा, यह समय बताएगा।

देवी सिंह भाटी के मुद्दे पर भी रखी बात

देवी सिंह भाटी के नई पार्टी बनाने के सवाल पर सतीश पूनिया ने कहा कि प्रदेश में दो ध्रुवी राजनीति ही 1990 के बाद चल रही है। देश में भी ऐसा ही हो रहा है। साथ ही कहा कि देश में 700 पार्टियां है, जिनमें 70 रजिस्टर्ड भी है। लेकिन राजस्थान में बाइपोलर पॉलिटिक्स ही चल रही है। पूनिया ने आगे कोटा डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।


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Wednesday, August 2, 2023

नूंह हिंसा: भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट की होगी जांच, 3 सदस्यीय कमेटी गठित

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज (Home Minister Anil Vij) ने कहा है कि नूंह हिंसा को लेकर गहन जांच हो रही है; इसमें भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट की जांच हाेगी. इसके लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है. कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी; कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा.

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अनिल अंबानी को जिस कंपनी ने किया कंगाल, अब निवेशकों को कर रही मालामाल, शेयर में आई तूफानी तेजी

नई दिल्ली: अनिल अंबानी को जिस कंपनी ने कंगाल बनाया अब उसमें बंपर उछाल देखा जा रहा है। यह कर्ज में फंसी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पॉवर (Reliance Power) है। रिलायंस पॉवर के शेयरों में बंपर तेजी देखी जा रही है। आज यानी बुधवार को रिलायंस पॉवर के शेयर 16.98 रुपये के स्तर पर खुला था। वहीं कंपनी के शेयरों का भाव बढ़कर एक समय 18.30 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गया। पिछले एक महीने की बात करें तो रिलायंस पॉवर में 19 फीसदी का उछाल आ चुका है। अगर किसी ने छह महीने पहले रिलायंस पॉवर में निवेश किया होगा तो आज उसकी रकम 48 फीसदी तक बढ़ चुकी होगी। रिलायंस पॉवर का बीएसई पर 52 वीक का हाई 24.95 रुपये प्रति शेयर और 52 वीक का लो 9.05 रुपये प्रति शेयर है।

इस वजह से आई तेजी

बता दें कि साल 2008 में रिलायंस पॉवर के शेयरों का भाव 261 रुपये के करीब था। इसके बाद से कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। इसके चलते निवेशकों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है। हालांकि कंपनी ने पिछले दिनों कर्ज चुकाने को लेकर प्लान साझा किया था। इसके बाद से शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है।

93 फीसदी से ज्यादा टूटा स्टॉक

रिलायंस पॉवर लिमिटेड का शेयर अभी तक 93.51 फीसदी तक टूट चुका है। 15 फरवरी 2008 को यह शेयर 224 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके बाद से इस शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिली है। मौजूदा समय में यह शेयर लुढ़कर 16 रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है।

वित्तीय सलाहाकार से जरूर करें बात

शेयर बाजार में बिना जानकारी के निवेश करने पर नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले आप अपने वित्तीय सलाहाकार से बात जरूर कर लें।


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Tuesday, August 1, 2023

मुनाफा कमाने के लिए आज IDBI Bank सहित इन शेयरों पर रखें नजर, आ सकता है बड़ा उछाल

नई दिल्ली: शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली थी। वैश्विक बाजारों के मिले-जुले रुख के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावरग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट रही थी। कारोबारियों के मुताबिक, विदेशी पूंजी की निकासी जारी रहने से भी कारोबारी धारणा पर असर पड़ा था। हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में लिवाली रहने से गिरावट रोकने में मदद मिली थी।अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 68.36 अंक यानी 0.10 प्रतिशत गिरकर 66,459.31 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 66,658.12 अंक के ऊपरी और 66,388.26 अंक के निचले स्तर पर भी आया था।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 20.25 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,733.55 अंक पर बंद हुआ था।सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से पावरग्रिड में सर्वाधिक पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। पावरग्रिड ने सोमवार को अप्रैल-जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ पांच प्रतिशत से अधिक गिरने की जानकारी दी थी।इसके अलावा बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस के शेयर भी नुकसान के साथ बंद हुए थे।दूसरी तरफ, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयरों में बढ़त का रुख रहा था। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 0.23 प्रतिशत गिर गया जबकि स्मालकैप सूचकांक में 0.50 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी।एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की लाभ में रहे जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट एवं हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे थे। यूरोप के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजारों में तेजी का रुख देखा गया था।

इन शेयरों में दिख रही तेजी

मोमेंटम इंडिकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस (MACD) ने IDBI Bank, Urja Global, Coal India, Lemon Tree Hotels और HFCL पर तेजी का रुख दिखाया है। एमएसीडी को ट्रेडेड सिक्योरिटीज या इंडेक्स में ट्रेंड रिवर्सल के संकेत के लिए जाना जाता है। जब एमएसीडी सिग्नल लाइन को पार करता है, तो यह एक तेजी का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि शेयर की कीमत में ऊपर की ओर गति देखी जा सकती है। इसी तरह यह मंदी का भी संकेत देता है।

इन शेयरों में मंदी का संकेत

एमएसीडी (MACD) ने GMDC, Piramal Enterprises, Tanla Platforms, EPL और Mazagon Dock Shipbuilders के शेयर में मंदी का संकेत दिया है। इसका मतलब है कि अब इन शेयरों में गिरावट शुरू हो गई है।

इन शेयरों में दिख रही खरीदारी

जिन शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है, उनमें KIOCL, IDBI Bank, Railtel और IRFC शामिल है। इस शेयर ने अपना 52 हफ्ते का उच्च स्तर पार कर लिया है। यह इस शेयर में तेजी का संकेत देता है।

इन शेयरों में है बिकवाली का दबाव

जिन शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दे रहा है, उनमें UPL, MOS Utility, Viji Finance, SREI Infra और Jalan Transolutions शामिल हैं। इन शेयरों में काफी अधिक बिकवाली देखने को मिल रही है। इन शेयरों ने 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर दर्ज किया है। यह इन शेयरों में मंदी का संकेत है।


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पवार मोदी को पुरस्कार देने के समारोह में नहीं जाते तो होती तारीफ: सामना

मुंबई: शिवसेना (UBT) ने मंगलवार को कहा कि पुणे में प्रधानमंत्री के साथ पुरस्कार समारोह में शामिल न होकर शरद पवार उन लोगों की शंकाओं को दूर कर सकते थे, जिन्हें उनका इस समारोह में जाना पसंद नहीं आया। शिवसेना (UBT) के मुखपत्र सामना के संपादकीय में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और इसके बाद उन्होंने उस पार्टी को तोड़ दिया और महाराष्ट्र की राजनीति को दलदल बना दिया। इसके बावजूद शरद पवार मोदी का स्वागत करेंगे और यह बात कुछ लोगों को अच्छी नहीं लगी। अगर, शरद पवार समारोह में शामिल नहीं होते, तो उनके नेतृत्व और साहस की प्रशंसा की जाती।शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक संपादकीय में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने उस पार्टी को तोड़ दिया और महाराष्ट्र की राजनीति को दलदल बना दिया। पुरस्कार समारोह से पहले प्रकाशित मराठी समाचार पत्र में कहा गया, 'इसके बावजूद शरद पवार मोदी का स्वागत करेंगे और यह बात कुछ लोगों को अच्छी नहीं लगी। यह पवार के लिए इस कार्यक्रम में अनुपस्थित रहकर लोगों के मन में उन्हें लेकर पैदा हो रही शंकाओं को दूर करने का अवसर था।'तिलक पुरस्कार समारोह में पहुंचे थे पवार और मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने और लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार स्वीकार करने के लिए मंगलवार को महाराष्ट्र के पुणे शहर के दौरे पर थे। लोकमान्य तिलक की विरासत का सम्मान करने के लिए 1983 में तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट ने इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पिछले महीने एनसीपी से अलग होने के बाद पार्टी के आठ अन्य विधायकों के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार में शामिल हो गए थे। 'नेता मोदी के साथ मंच पर, कार्यकर्ता कर रहे प्रदर्शन'संपादकीय में कहा गया है कि देश तानाशाही के खिलाफ लड़ रहा है और इस मकसद के लिए 26 विपक्षी दलों का गठबंधन 'इंडिया' बनाया गया है। इसमें दावा किया गया कि शरद पवार इस गठबंधन के महत्वपूर्ण सेनापति हैं। पार्टी ने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता से लोगों को अलग अपेक्षाएं हैं। उसने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर हिंसा पर बात करने के लिए तैयार नहीं है। इसमें कहा गया कि देश के नेता का इस मामले पर नहीं बोलना राष्ट्रहित में नहीं है। संपादकीय में कहा गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ पुणे में प्रदर्शन हुए हैं और एनसीपी कार्यकर्ता इसमें भाग ले रहे हैं। शिवसेना ने कहा कि यह अजीब स्थिति है, क्योंकि नेता मोदी के साथ मंच साझा कर रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता काले झंडे लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।


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गुजरात: कर्ज से परेशान था परिवार, ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि सिहर उठे लोग

गुजरात (Gujarat) के वडोदरा में एक परिवार ने कर्ज से परेशान होकर सामूहिक आत्‍महत्‍या कर ली. इस घटना से रावपुरा इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस का कहना है कि परिवार तंगी से जूझ रहा था और उनके पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वे रोजमर्रा का सामान खरीद सकें.

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बीजेपी में जाने की चर्चाओं पर ये क्या बोल गईं पल्लवी पटेल

लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2024 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के साथ-साथ नेता भी अपनी सियासी नैय्या पार लगाने के लिए किनारा ढूंढ रहे हैं। इन्हीं सब के बीच महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक उठापटक के बाद अब यूपी में भी नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया है। चर्चाएं जोरों पर थीं कि यूपी में सपा की सहयोगी रही अपना दल कमेरावादी की नेता और सपा विधायक बीजेपी के साथ जा सकती है। इन चर्चाओं को पल्लवी पटेल ने सिरे से खारिज करते हुए विराम लगा दिया है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए पल्लवी पटेल ने कहा कि डूबते जहाज की सवारी कौन करता है। मैं जहां हूं खुश हूं। सिराथू से सपा विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि कही जाने का सवाल ही नहीं उठता है। निजी चैनल से बात करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा कि इतने निचले स्तर की सवारी नहीं करती हूं। इस दौरान पल्लवी पटेल ने समाजवादी पार्टी से अपने गठबंधन को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम 2022 में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में आए थे, तब से लेकर अभी तक हमारे रिश्ते मुद्दों के आधार पर और व्यक्तिगत तौर पर बहुत मधुर हैं। पल्लवी पटेल उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराकर सिराथू से सपा विधायक बनी हैं। अपना दल कमेरावादी नेता पल्लवी पटेल ने आगे कहा कि हम लोग 2024 लोकसभा चुनाव की तैयार में लगे हैं। इसके साथ ही सपा विधायक ने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सबसे ज्यादा सम्भावनाओं वाले चेहरे हैं और पिछड़ा वर्ग के लिए प्रगतिशील नेता हैं। सपा के साथ रहकर जो सम्मान और सहयोग हर स्तर पर मिल रहा है, उसकी वजह से हम बहुत अच्छे से अपने मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं जहां हूं बहुत खुश हूं। पल्लवी पटेल के बीजेपी के साथ जाने की तमाम चर्चाओं को उस समय और बल मिल गया था, जब योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। मोदी सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति और अपना दल एस के नेता आशीष पटेल ने सोमवार को पल्लवी पटेल के बीजेपी में शामिल होने को लेकर कहा था कि कोई भी आए सबका स्वागत है। उधर, पल्लवी पटेल से पहले एक और समाजवादी पार्टी की महिला विधायक ने बीजेपी में जाने की चर्चाओं पर अपनी सफाई पेश कर दी है। कौशांबी में चायल सीट से सपा विधायक पूजा पाल के बीजेपी में शामिल होने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन इसी बीच पूजा पाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि अफवाह राजनीतिक दलों की साजिश है, जो मेरी छवि धूमिल करना चाहते हैं। सपा विधायक ने अपने ट्वीट के जरिये कहा कि सोशल मीडिया पर चलाए जाने वाली खबर असत्य और बेबुनियाद है। मैं किसी पार्टी में नहीं जा रही हूं, सब राजनीतिक दलों की साजिश है। मैं समाजवादी पार्टी में ही हूं ये मेरी छवि को लोगों के बीच धूमिल करने का प्रयास है।


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