Tuesday, January 7, 2025

तो केंद्र के सालाना बजट में दिल्ली के लिए नहीं होगी कोई घोषणा, जान लीजिए क्यों

नई दिल्ली: दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने मंगलवार को चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया। दिल्ली में 5 फरवरी को एक चरण में चुनाव होगा और नतीजे की घोषणा 8 फरवरी को होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का कहना है, 'केंद्रीय बजट 1 फरवरी को आएगा और दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होगा। आज ही हम कैबिनेट सचिव को स्थायी निर्देश जारी करेंगे कि बजट में दिल्ली से जुड़ी कोई घोषणा नहीं होनी चाहिए।' मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर सूचित करेगा कि केंद्रीय बजट में दिल्ली के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया जा सकता जिससे सभी के लिए समान अवसर प्रभावित हों। चुनाव से कुछ दिन पहले पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, ‘हम कैबिनेट सचिव को लिखेंगे कि केंद्रीय बजट में दिल्ली के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया जा सकता, जिससे सभी के लिए समान अवसर प्रभावित हों।’राजीव कुमार ने घोषणा की कि 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा और मतों की गिनती 8 फरवरी को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 जनवरी है और नामांकन पत्रों की जांच 18 जनवरी तक की जाएगी। उम्मीदवार 20 जनवरी तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। उत्तर प्रदेश में मिल्कीपुर और तमिलनाडु में इरोड विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव इसी कार्यक्रम के अनुसार होंगे।

दिल्ली में कुल कितने वोटर्स?

ईसीआई राजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली में कुल 1 करोड़ 55 लाख वोटर्स हैं। इसके अलावा, पुरुष मतदाता की संख्या 83.49 लाख, महिला मतदाता 71.74 लाख मतदाता है और युवा मतदाता की संख्या 25.89 लाख मतदाता हैं। उधर, पहली बार वोट देने जा रहे मतदाताओं की कुल संख्या 2.08 लाख है। इसके अलावा, दिल्ली में 13 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। 100 साल से ऊपर के मतदाताओं की संख्या 830 है।


from https://ift.tt/9VkCYHU

Monday, January 6, 2025

सद्दाम ने राजेश बनकर युवती को प्यार के जाल में फंसाया, निकला 4 बच्चों का बाप, पीड़िता ने दर्ज कराया केस

अज़हर अब्बास, सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का रहने वाले ट्रक चालक मो. सद्दाम ने जाति धर्म बदलकर राजेश यादव बन युवती को फेसबुक के माध्यम से अपने जाल मे फंसा लिया। दोस्ती के नाम पर आरोपी ने युवती से साढ़े तीन लाख रुपये वसूल लिए। पीड़िता जब उसके घर पहुंची तो उसको उसकी असलियत पता चली। जिसके बाद उसने थाने पर जाकर अपनी आपबीती बताई।पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर विभिन्न धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिसके बाद युवती फिर फरीदाबाद हरियाणा को चली गयी है।देहात कोतवाली के सेमरी पुरुषोत्तमपुर निवासी मो. सद्दाम ट्रक चालक है जो वाहन लेकर अन्य प्रांतो में आता जाता रहता है। उसने अपने मोबाइल में धर्म व जाति बदलकर राजेश यादव बन फेसबुक एकाउंट पर हरियाणा फरीदाबाद में रहकर नौकरी करने वाली एक हिंदू राजपूत युवती से दोस्ती कर ली। सद्दाम युवती को अपने झांसे में लेकर उसके कमरे पर भी जाने लगा तथा दोस्ती के जरिऐ साढे तीन लाख रूपया भी वसूल लिया। जिसके बाद वह युवती के पास आना जाना बंद कर दिया तो युवती उसके घर तक पहुंच गयी। पीड़िता ने थाने पर बताई आपबीतीकोतवाली देहात के सेमरी पुरुषोत्तमपुर पहुंचने पर युवती को पता चला कि राजेश यादव ही मो. सद्दाम है तथा वह अविवाहित नहीं बल्कि शादीशुदा है और उसके चार बच्चे है। सद्दाम युवती को घर ले गया और उसका मोबाइल रखकर दो दिन बंधक बनाये रखा। कार्रवाई न करने की शर्त पर उसने युवती को ले जाकर ट्रेन पर बैठा दिया। युवती रास्ते से लौटकर कोतवाली देहात थाने पहुंची तथा पुलिस को आपबीती सुनाई। युवती ने आरोपी के परिवार पर सोने की चेन, मंगलसूत्र तथा चार हजार रूपया छीनने का भी आरोप लगाया है। युवती ने लगाया शारीरिक शोषण का आरोपयुवती मूलतः बंदायू जिले की है जो हरियाणा के फरीदाबाद मे प्राइवेट नौकरी करती है। उसके मां बाप नहीं है और एक दिव्यांग भाई है। युवती रविवार को फिर फरीदाबाद वापस चली गयी है। युवती ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है लेकिन शारीरिक शोषण व अन्य मामले नहीं दर्ज है। इसके लिए वह महिला हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री पोर्टल तथा राज्य महिला आयोग मे सूचना देकर न्याय की गुहार की है। एसओ सतेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बाहर की युवती की तहरीर पर आरोपी पर नामजद मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।


from https://ift.tt/jNnC3Lz

Sunday, January 5, 2025

सूफीज्म से बड़ा कोई मजहब नहीं, सरकार ने बता दिया... PM मोदी ने दरगाह पर भेजी चादर तो बोले सूफी नेता कशिश वारसी

मुरादाबाद: सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अजमेर के ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चादर भेजने को सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे देश की फिजा बिगाड़ने वाले को सबक मिला है कि हमारी एकता की जड़ें कितनी मजबूत हैं। कशिश वारसी ने कहा कि हजरत ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स मुबारक मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट मंत्री और भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे के अध्यक्ष को चादर और एक संदेश लेकर भेजा। उन्होंने देश की फिजा बिगाड़ने वालों को बता दिया है कि यहां पर कौमी एकता की जड़ें कितनी मजबूत हैं।वारसी ने कहा कि पीएम ने बताया है कि देश, प्रधानमंत्री और सरकार ख्वाजा गरीब नवाज का सम्मान करती है। सूफीज्म की इज्जत करती है। कट्टरपंथियों को समझ लेना चाहिए कि देश की सरकार क्या चाहती है? देश की सरकार ने यह बता दिया कि सूफीज्म से बड़ा मजहब कोई नहीं होता है। ख्वाजा गरीब नवाज ने, हजरत औलिया ने, अमीर खुसरो ने अच्छाई और मोहब्बत का पैगाम दिया है। पीएम मोदी को ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स पर भेजी गई चादर के ल‍िए मुबारकबाद देता हूं। देश के तमाम सूफियों को ख्वाजा गरीब नवाज के पैगाम-ए-मोहब्बत के लिए मुबारकबाद पेश करता हूं।प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की अजमेर दरगाह पर शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से चादर पेश की गई। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से अजमेर दरगाह के लिए 11वीं बार चादर भेजी गई है। सालाना उर्स के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को मुबारकबाद दी और देश-दुनिया में अमन-चैन और भाईचारे की कामना की। इस चादर को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने पेश किया।


from https://ift.tt/7rEai6D

Saturday, January 4, 2025

'लोगों से मिलती थी धमकी, कहते थे लौट जाओ बांग्लादेश' अब बांग्लादेशी महिला को मिली भारतीय नागरिकता

आराः बिहार के आरा में एक महिला ने भारतीय नागरिकता के लिए 40 वर्षों का लंबा इंतजार किया। महिला पिछले 40 वर्षों से आरा शहर के चित्र टोली रोड में वीजा लेकर रह रही थीं। लेकिन अब महिला को भारतीय नागरिकता मिल गई। संभवत यह बिहार के लिए पहला मामला है। जिन्हें नागरिकता नियम, 2009 के 11क के उपनियम (1) और नियम 13 क के तहत राज्य स्तरीय सशक्त समिति की नागरिक निबंधन के तहत नागरिकता मिला है।

40 वर्षों तक वीजा के लिए थाना और दूतावास का लगती रहीं चक्कर

महिला पिछले 40 वर्षों से अपनी नागरिकता को लेकर कभी थाने तो कभी वीजा के लिए दूतावास का चक्कर लगा रही थीं। अब सुमित्रा प्रसाद को नागरिकता मिल गई। इससे पहले उन्हीं के नाम डेढ़ महीना पहले आरा के प्रधान डाकघर में एक पत्र आया था जिसमें के तहत पत्र आने की बात कही गई वो पत्र इनका ही था, जिसमें उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की गई। मिलने की खुशी में यह परिवार इतना खुश है कि इन लोगों ने कल से खाना नहीं खाया है।

1985 के बाद कभी बांग्लादेश लौट कर नहीं गईं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए महिला सुमित्रा प्रसाद उर्फ रानी साहा ने बताया कि जब वो पांच साल की थी तब अपनी बुआ के घर बांग्लादेश गई थी, उस समय बांग्लादेश का विभाजन नहीं हुआ था। उसी दौरान सुमित्रा अपनी बुआ के घर गई। जहां उन्होंने बुआ के घर रहकर पढ़ाई पूरी की और 1985 में भारत आ गईं। सुमित्रा 1985 के बाद कभी बांग्लादेश लौट कर नहीं र्गइं। लेकिन उनको भारत में ही वीजा लेकर रहना होता था, क्योंकि तब तक बांग्लादेश का विभाजन हो चुका था।

1970 में सुमित्रा अपनी बुआ के घर बांग्लादेश गईं थी

सुमित्रा ने बताया कि उनके पिता के पास इतना पैसा नहीं था कि वो अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। दरअसल सुमित्रा के पिता मदन गोपाल चौधरी को दो बेटी सुमित्रा रानी साहा, कृष्णा रानी साहा और दो बेटे विजय प्रसाद, नरेश प्रसाद थे। छह लोगों का खर्च मदन गोपाल नहीं उठा पा रहे थे। इसी बीच मदन गोपाल चौधरी की तबियत भी खराब हो गई। इस वजह से सुमित्रा अपनी बुआ के घर 1970 में चली गई। उस समय वो महज पांच साल की थी। जिसके बाद 16 दिसंबर 1971 में बांग्लादेश विभाजित हो गया। फिर सुमित्रा 15 साल बाद जनवरी 1985 को भारत लौट आईं। उसके बाद कभी बांग्लादेश नहीं गईं।

कैंसर से पति की मौत से मुश्किलें बढ़ गईं

सुमित्रा रानी साहा ने बताया कि भारत लौटने के बाद वो बिहार के कटिहार जिले में अपने पिता के पास गई। जहां 10 मार्च 1985 को आरा शहर के चित्र टोली रोड में उनकी शादी परमेश्वर प्रसाद से हुई। उसके बाद से ही सुमित्रा आरा में अपने परिवार के साथ रहने लगी। सुमित्रा रानी साहा को तीन बेटी प्रियंका प्रसाद, प्रियदर्शिनी और ऐश्वर्या हुई। उसके बाद 2010 में बैक बोन कैंसर की वजह से सुमित्रा रानी साहा के पति परमेश्वर प्रसाद की मृत्यु हो गई। इस दौरान सुमित्रा रानी साहा को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सुमित्रा वीजा लेकर यहां रह रही थीं। हर साल वीजा के लिए इन्हें परेशान होना पड़ता था।

40 वर्षों में वीजा के लिए कई बार भटकना पड़ा

वहीं सुमित्रा रानी साहा को इन 40 वर्षों में बहुत बार वीजा के लिए भटकना पड़ा। मोहल्ले में भी कई लोग उन्हें बार बार बांग्लादेश जाने के लिए बोलते थे। वहीं 2023 में वीजा में देरी होने के कारण टाउन थाना में बुलाकर उन्हें बांग्लादेश वापस लौटने के लिए बोला गया था। आसपास के लोग काफी डराते-धमकाते थे। कहते थे कि बांग्लादेश भेज देंगे। जेल भेज देंगे। लेकिन अंत में कोलकाता से वीजा मिला और पिछले तीन बार से कलकत्ता से ही सुमित्रा जी को वीजा मिल रहा था। इसी दौरान जब 2024 में वीजा के लिए कोलकाता में आवेदन दिया, तो सुमित्रा के परिवार वालों को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बारे में जानकारी दी गयी।

2024 में सीएए के बारे में मिली जानकारी

नागरिकता संशोधन कानून के बारे में पता चलने के बाद सुमित्रा की बेटी ऐश्वर्या प्रसाद ने सीएए के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया। इस बीच उन्हें वीजा का एक्सटेंशन भी तीन साल का मिल गया। अक्टूबर 2024 से ही ऐश्वर्या सीएए के लिए लग गई। दरअसल भारत आने के बाद से ही ये परिवार संघर्षों से भरा जीवन जी रहा था। आरा में सुमित्रा के पति होम अप्लायंस की दुकान चलाते थे। सुमित्रा की तीन बेटी हैं। दो की शादी हो गयी है। एक बेटी ऐश्वर्या प्रसाद जो अभी इनका ख्याल रख रही हैं।

आधार, राशन कार्ड और पैन कार्ड भी नहीं बन पाया

वहीं भारतीय नागरिकता मिलने के बाद सुमित्रा का परिवार काफी खुश है। उनकी बेटी ऐश्वर्या का कहना है कि उनकी मां को अभी तक सभी सरकारी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा था। आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड अभी तक नहीं बन पाया था। गैस कनेक्शन भी नहीं मिलता था। लेकिन, अब सभी सुविधाएं मिलेंगी। ऐश्वर्या ने कहा कि अब सभी डॉक्यूमेंट बनाया जायेगा। कोरोना काल में तीन साल तक वीजा एक्सटेंशन नहीं हुआ था, तो उस दौरान काफी परेशान थी। लेकिन, अब यह सभी परेशानियों से मुक्ति मिल गई है।


from https://ift.tt/a07tR1n

Friday, January 3, 2025

सीएम योगी ने लगाया सटीक निशाना, पहली ही बार ‘बुल्स आई’, मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लोकार्पण में दिखाया जौहर

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एक अच्छे निशानेबाज भी हैं। यह उन्होंने एक बार फिर साबित किया। राजनीतिक लक्ष्य को भेदने के साथ-साथ निशानेबाजी में भी वे लक्ष्य भेदने में बिल्कुल सटीक रहे। दरअसल, सीएम योगी गोरखपुर के भाटी विहार कॉलोनी में नवनिर्मित मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लोकार्पण समारोह में पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां शूटिंग रेंज में राइफल से लक्ष्य पर निशाना भी साधा। उनकी सटीक निशानेबाजी देख साथ में मौजूद लोग हतप्रभ रह गए। मुख्यमंत्री ने पहली ही बार में ‘बुल्स आई’ टारगेट कर दिया, यानी सौ फीसद सटीक लक्ष्य पर ही निशाना। मुख्यमंत्री की खेलों के प्रति खासी दिलचस्पी है। इसमें भी पारंपरिक भारतीय खेलों के साथ निशानेबाजी से उनका लगाव कई बार सार्वजनिक देखा जाता है। जब भी वह सैन्य प्रदर्शनियों और खेल एकेडमी या खेल केंद्रों में जाते हैं तो निशानेबाजी के अभ्यास से खुद को नहीं रोक पाते।

निशानेबाजी में आजमाया हाथ

शुक्रवार को गोरखपुर के भाटी विहार कॉलोनी में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री जब मल्टीपर्पज हाल में बने शूटिंग रेंज में आए तो उन्होंने दस मीटर रायफल शूटिंग के रेंज पर निशानेबाजी में हाथ आजमाया। उनका पहला शॉट ही बुल्स आई रहा। उनके सटीक निशाने पर वहां मौजूद सभी लोग आश्चर्यचकित होकर मुस्कराने लगे। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निरीक्षण के दौरान तथा सैनिक स्कूल के लोकार्पण के दौरान भी निशानेबाजी के अभ्यास में हाथ आजमा चुके हैं।


from https://ift.tt/s21qvDJ

Thursday, January 2, 2025

अहमदाबाद, फरीदाबाद, मैंगलोर... ब्रिटेन और यूरोप के साथ डील पर बातचीत के बीच भारत का यह कैसा प्‍लान?

नई दिल्‍ली: सरकार खाने-पीने की चीजों के निर्यात को बढ़ाना चाहती है। इसके लिए वह के व‍िस्‍तार की योजना बना रही है। उसका सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्‍लान है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। वाणिज्‍य मंत्रालय के तहत आने वाले (EIC) ने निर्यात के लिए फूड टेस्टिंग इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पर विस्तृत अध्ययन शुरू किया है। यह अध्ययन अगले 2-3 महीनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद खाने-पीने की चीजों की टेस्टिंग के लिए और बेहतर सुविधाएं बनाने की पूरी योजना बनाई जाएगी। ईआईसी निर्यात के लिए निरीक्षण, परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रेसेबिलिटी मॉड्यूल भी शुरू करने वाली है। नई लैब अहमदाबाद, फरीदाबाद और मैंगलोर में स्थापित की जा रही हैं। ईआईसी उत्पादों के लिए अलग-अलग देशों के साथ म्‍यूचुअल रिकग्‍निशन एग्रीमेंट (MRA) और एमओयू पर भी हस्ताक्षर कर रही है। इसका उद्देश्य अपनी प्रक्रियाओं को वैश्विक मान्यता दिलाना है।

फूड टेस्टिंग इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर में गैप का अध्‍ययन

वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने बताया है कि फूड टेस्टिंग इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर में गैप की पहचान की जा रही है। उम्मीद है कि अध्ययन 2-3 महीनों के भीतर पूरा हो जाएगा। इसके बाद और अधिक समग्र तरीके से बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए व्यापक योजना विकसित होगी। यादव ने यह भी बताया कि परिषद IoT-आधारित सैम्पलिंग तकनीकों जैसी उन्नत तकनीकों को अपना रही है।यह पहल ऐसे समय में हो रही है जब भारत ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर बातचीत कर रहा है। इससे घरेलू मानकों में सुधार की उम्मीद है। संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) जैसे बाजारों में खाद्य पदार्थों के निर्यात की भी काफी संभावनाएं हैं। इसने 2022 में भारत के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर किए थे।

देशभर में परीक्षण सुविधाओं में बढ़ोतरी

यादव ने कहा, 'हम भारत के लिए MRA स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। हम अन्य देशों की आवश्यकताओं का भी अध्ययन कर रहे हैं। इन समझौतों को सुविधाजनक बनाने के लिए क्षमताओं का निर्माण किया जा रहा है।'मंत्रालय के अनुसार, निर्यात निरीक्षण परिषद यानी ईआईसी ने देश भर में परीक्षण सुविधाओं में बढ़ोतरी की है। मानता प्राप्त प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। EIC प्रणाली के जरिये स्वीकृत निर्यात प्रतिष्ठानों की संख्या पिछले एक दशक में 794 से बढ़कर 1,446 हो गई है। मंत्रालय ने कहा, 'आयात करने वाले देशों की ओर से मान्‍यता प्राप्‍त प्रमाणपत्र एक दशक में लगभग दोगुने हो गए है। इनकी संख्‍या 61,000 से बढ़कर 120,000 से अधिक हो गई है। 2013-14 में ISO 17025 मानकों वाली मान्यता प्राप्त 21 प्रयोगशालाए थीं। ये बढ़कर 2024-25 में 78 हो गई हैं।


from https://ift.tt/o8iyFCf

Wednesday, January 1, 2025

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अतुल सुभाष के पिता से निकिता सिंघानिया की हिरासत के बारे में मांगा जवाब

बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पिछले महीने बेंगलुरु में आत्महत्या करने वाले एआई इंजीनियर के पिता को उनकी पुत्रवधू और मामले में आरोपी निकिता की न्यायिक हिरासत के बारे में सुप्रीम कोर्ट को जवाब देने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट नाबालिग पोते की अभिरक्षा मांग रहीं अतुल सुभाष की मां की याचिका पर सुनवाई कर रही है।पुलिस गिरफ्तारी का आधार बताने में विफलजस्टिस हेमंत चंदनगौदार ने निकिता की याचिका पर सुभाष के पिता को यह निर्देश दिया। निकिता ने खुद को गिरफ्तार किए जाने और पति की मौत के बाद उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किए जाने को चुनौती दी है। निकिता के वकील भरत कुमार ने कहा कि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी गैर-कानूनी है और पुलिस गिरफ्तारी का आधार बताने में विफल रही।निकिता को अंतरिम जमानत देने का अनुरोधवकील भरत कुमार ने निकिता को अंतरिम जमानत देने का अनुरोध करते हुए कहा कि आरोपी को शीर्ष अदालत में खुद का बचाव करने की जरूरत है। हालांकि राज्य लोक अभियोजक-2 विजयकुमार मजागे ने जांच का विवरण प्रदान करने के लिए छह जनवरी तक का समय मांगा। सुनवाई के दौरान निकिता के वकील ने कहा कि निचली अदालत ने उसकी और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए चार जनवरी की तारीख तय की है।सुनवाई छह जनवरी तक के लिए स्थगितवकील भरत कुमार ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह निचली अदालत को उसी दिन जमानत याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश दे। इसके बाद उच्च न्यायालय ने सहमति जताते हुए याचिका पर सुनवाई छह जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।


from https://ift.tt/E93dvUW